पोलियो के बाद मलेरिया मुक्त मध्य प्रदेश बनाने की कवायद शुरू हो गई है

भोपाल. श्रीलंका की तर्ज पर अब मप्र को मलेरिया मुक्त बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी है. बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन मलेरिया को मध्य प्रदेश से खत्म करने विशेष अभियान चलाने जा रहे हैं. गेट्स फाउंडेशन ने नेशनल वैक्टर बोन डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत इसकी रूपरेखा तैयार की है. श्रीलंका के बाद अब गेट्स फाउंडेशन का पूरा फोकस मध्य प्रदेश की तरफ है. प्रदेश से मलेरिया को खत्म करने की रणनीति बनेगी प्रदेश में मलेरिया को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए विदेशों से आए विशेषज्ञ मंथन करने वाले हैं. मार्च में पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहली बैठक होने वाली है. बैठक में सामाजिक संस्थाएं भी शामिल होंगी. प्रदेश से मलेरिया को खत्म करने रूपरेखा भी तैयार की जाएगी. अब तक हर साल राजधानी में मलेरिया के करीब दो ढाई हजार मरीज मिलते रहे हैं. ये आंकड़ा शून्य पर लाने प्रयास किए जा रहे हैं. मलेरिया के सबसे ज्यादा मरीज़ श्योपुर में पाए जाते हैंप्रदेश में मलेरिया के सबसे ज्यादा मरीज़ श्योपुर में पाए जाते हैं. राजधानी सहित अन्य जिलों में आंकड़ा प्रति एक हजार पर एक केस है. स्वास्थ्य विभाग जनजातीय क्षेत्रों में मलेरिया मुक्त के लिए अभियान चला रहा है. मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रदेश के करीब 200 गांवों में 300 से जयादा कार्यकर्ता रोजाना रैपिड किट से मरीजों की जांच कर रहे हैं. बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के मध्य प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट का कहना है कि हमारी कोशिश प्रदेश को इसी साल मलेरिया मुक्त कराने की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सारे लोग स्वस्थ हों, यही हमारी कोशिश होगी. ये भी पढ़ेंकमलनाथ सरकार आज ला रही है मंदिरों की ज़मीन बेचने का प्रस्ताव, OBC आरक्षण पर HC में सुनवाई CAA Protest: BJP नेता अजीत बौरासी ने FB पर लिखा- 'मैं भेड़ नहीं जो गलत के पीछे भी चलता रहूं'।

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