धमकी भरे पत्र पर बोलीं प्रज्ञा ठाकुर- दुश्मनों को हम कब्र में भी नहीं छोड़ेंगे

संक्षेप:

  • भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा के नाम एक धमकी भरी चिट्ठी मिली है.
  • चिट्ठी के साथ पाउडर भी मिला है.
  • फॉरेंसिक टीम साध्वी प्रज्ञा के घर पहुंची और चिट्ठी को बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

भोपाल: भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा के नाम एक धमकी भरी चिट्ठी मिली है. उर्दू में लिखी उस चिट्ठी को भेजने वाले ने साध्वी प्रज्ञा के अलावा प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल और सीएम योगी पर भी हमले की धमकी दी है. चिट्ठी के साथ पाउडर भी मिला है. फॉरेंसिक टीम साध्वी प्रज्ञा के घर पहुंची और चिट्ठी को बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

चिट्ठी के बारे में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, `एक भारी लिफाफा आया जिसमें एक पाउच था. मैंने अपने पीए से कहा कि ये पाउच है, इसे तत्काल फेंक दो, उसने फेंक भी दिया. लेकिन उसमें कुछ फोटो दिखे जिसे देखने से स्पष्ट नजर आ रहा है कि पाउच के अंदर एक पत्र था. पत्र ऊर्दू में है लेकिन उसके साथ और भी कई पेपर्स लगे हुए हैं. उसमें मेरा एक फोटो है जिसे क्रॉस किया गया है. लिफाफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी तस्वीर है. उसमें अजीत डोभाल, योगी आदित्यनाथ और जम्मू कश्मीर के राज्यपाल की भी फोटो है. सबको क्रॉस किया गया है. उसमें एक फोटो है जिसमें हाफिज सईद को एक व्यक्ति को ऑर्डर देते हुए दिखाया गया है. उसमें यह भी दिखाया गया है कि हमें मारने के लिए कैसे हथियार का इस्तेमाल होगा.`

पत्र भेजना दुश्मनों का काम

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प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, हमें हानि पहुंचाने के लिए, हमें मारने के लिए इस प्रकार की धमकी दे रहे हैं. ये देश के दुश्मनों का काम है, आतंकवादियों का काम है और वे करते रहेंगे. वे चाहते हैं कि देश के हित में कार्य न हो. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में जो राष्ट्र हित के कार्य किए जा रहे हैं, ये किसी को भी रास नहीं आ रहे हैं. इसलिए वे उनका विरोध कर रहे हैं और धमकियां भी आ रही हैं.

...वर्ना मरने भी न देंगे

भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, मुझे अच्छा लगा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचने से पहले उन्हें (धमकी देने वालों को) हमारी भी याद आ गई. फोटो में राष्ट्रीय ध्वज जलाया गया है. पाकिस्तान का झंडा फहराया गया है. ये उनकी बहुत ही गंदी बात है परंतु मैं दीवार हूं. मुझे इस निमित्त बनाया गया कि कम से कम हमारे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने से पहले हमसे निपटना होगा. उन्हें उनकी औकात पता चल जाएगी कि एक निमित्त मात्र व्यक्ति, एक संन्यासी, एक महिला, एक राष्ट्रभक्त कितना पावरफुल होता है कि तुमलोग सामने आने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हो. सामने आओ तो पता चल जाए कि किससे टकराए हो. हम कभी मरते नहीं हैं, हम सदा जीवित रहते हैं, हम पुनर्जन्म लेते हैं. हम तो मर कर भी आएंगे तुम्हारी मैयत में, कब्र में भी तुम्हें महफूज नहीं रहने देंगे. जीना है तो औलाद बनकर वर्ना हम मरने भी न देंगे.

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि `पत्र मिलते ही हमने पुलिस को खबर दी. पुलिसकर्मी उसकी जांच में जुट गए हैं. राज्य सरकार को भी इसके बारे में सूचना दी जा चुकी है. मेरा जो कर्तव्य है, वो करना है. जो कर्तव्य राष्ट्र के प्रति है, उसे करना है. चुनाव लड़े हैं कोई अपराध नहीं किया है. राष्ट्रभक्ति के लिए चुनाव लड़ा है. अपने ही देश में हम कोई अपराध करते भी नहीं हैं और कर भी नहीं सकते. देश के लिए जीते हैं और जीते रहे हैं. दुश्मनों के लिए हम खौफ हैं.`

फॉरेंसिक टीम ने की जांच

इस मामले में पुलिस ने बताया कि सांसद प्रज्ञा ठाकुर को आपत्तिजनक पत्रावली और सामग्री भेजी गई है. अज्ञात व्यक्तियों के प्रति मुकदमा दर्ज किया गया है. जांच अभी चल रही है और बहुत ज्यादा फैक्ट अभी बताए नहीं जा सकते. धारा 326 और 507 के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रज्ञा ठाकुर के स्टाफ ने पत्र को संदिग्ध देखते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सांसद के घर पर पुलिस अधिकारी पहुंच गए. पुलिस ने पत्र को कब्जे में लेकर एफएसएल टीम को बुलाया, जिसने पाउडर और उर्दू में लिखे पत्र को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया.

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