छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के हाईप्रोफाइल अंतागढ़ टेपकांड (Antagarh Tapekand) मामले में सीनियर और जूनियर जोगी को कोर्ट से एक बड़ी राहत मिल गई है

 बिलासपुर. जेसीसी जे प्रमुख अजीत जोगी (Ajit Jogi) और उनके बेटे अमित जोगी (Amit Jogi) की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Petition) हाईकोर्ट (High Court) ने स्वीकार कर है. मालूम हो कि इस मामले में पूर्व सीएम अजीत जोगी और अमित जोगी ने हाईकोर्ट में अग्रीम जमानत याचिका लगाई थी. याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने ये बड़ा फैसला सुनाया है. बता दें कि कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक ने राजधानी रायपुर के पंडरी थाने में इनके खिलाफ एफआईआर (FIR) कराया था. हाईकोर्ट जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल के सिंगल बेंच में ये मामला लगा था. कांग्रेस नेत्री ने किया था FIR मालूम हो कि, फरवरी 2019 में अजीत जोगी, उनके बेटे अमित जोगी, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह  के दामाद पुनीत गुप्ता, राजेश मूणत और मंतूराम पवार पर धोखाधड़ी और पैसों के प्रलोभन और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला पंडरी थाने में दर्ज किया गया था. वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री डॉ. किरणमयी नायक ने ये एफआईआर दर्ज कराया था . ये है अंतागढ़ मामला:साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी (Vikram Usendi) ने लोकसभा का चुनाव (LokSabha Election) जीतने के बाद इस्तीफा दिया था. वहां हुए उपचुनाव (NYOOOZ HINDI Election)  में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था. भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे. नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे भाजपा (BJP) को एक तरह का वाकओवर मिल गया था. बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल (Phone Call) वायरल हुआ था. आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई. टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी ये भी पढ़ें:   कर्मचारी की खुदकुशी के बाद पूर्व CM अजीत जोगी और अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज, लगा ये आरोपखेलते वक्त अचानक पैरावट में लगी आग, झुलसने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत।

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