जरूरी सूचना: आर्थिक रूप से परेशान मरीज, आयुष्मान भारत के तहत इन अस्पतालों में फ्री में करवाएं कोविड उपचार

संक्षेप:

  • आयुष्मान भारत के तहत फ्री में उपचार।
  • शहर के 12 निजी अस्पताल का चयन किया गया है।
  • एपीएल परिवार को 50 हजार तक और बीपीएल परिवार को पांच लाख तक का उपचार मिल रहा है।

बिलासपुर। प्रदेश में कोरोना अपने रफ्तार पर है। ऐसे में संक्रमित हुए मरीजों के लिए अस्पतालों में इलाज करवाना भारी पढ़ रहा है। कोरोना महामारी की मार सभी वर्ग झेल रहे हैं, लेकिन आर्थिक रुप से कमजोर परिवार की हालत और भी दयनीय हो चुकी है। यदि इन परिवारों से कोई कोरोना संक्रमित हो रहा है तो उसका उपचार निजी अस्पतालों में संभव नहीं हो सकता है। क्योंकि इसके लिए भारी भरकम फीस ली जा रही है। ऐसे में आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों के लिए शहर के 12 निजी अस्पताल का चयन किया गया है, जहां पर मरीजों का उपचार आयुष्मान भारत के तहत फ्री में किया जा रहा है।

मौजूदा स्तिथि में यदि कोई कोविड मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हो रहा है तो उसके उपचार का बिल कम से कम एक लाख तो बनना तय है। मरीज के उपचार के लिए लाखों रुपये लिए जा रहे हैं। इस पर राज्य शासन की भी नजर है, लेकिन महामारी के इस दौर पर अनाप शनाप बिल लेने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रही है, लेकिन देर सवेर ऐसे अस्पतालों पर गाज गिरना भी तय हो चुका है। लेकिन इस महामारी में एक बड़ा तबका ऐसा है जिन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, इनके लिए निजी अस्पताल में उपचार कराना दूर की कौड़ी साबित हो रही है। वही इनकी इस व्यथा को समझते हुए ही शासन ने 12 निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का उपचार आयुष्मान भारत के माध्यम से करा रही है। इसमे एपीएल परिवार को 50 हजार तक और बीपीएल परिवार को पांच लाख तक का उपचार मिल रहा है।

इन अस्पतालों में हो रहा उपचार

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सनशाइन अस्पताल, मार्क अस्पताल, श्री कृष्णा अस्पताल, वेगस अस्पताल, महादेव अस्पताल, स्काई अस्पताल, स्टार चिल्ड्रन अस्पताल, संजीवनी अस्पताल, प्रथम अस्पताल, आरबी अस्पताल, श्री राम केअर, शीश भवन।

 


 

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