देश के दूसरे सबसे स्वच्छ शहर अम्बिकापुर को देखने पहुंचा नेपाली प्रतिनिधी मंडल

संक्षेप:

  • नेपाल का एक प्रतिनिधी मंडल शहरो को डस्टबीन फ्री बनाने की प्रकिया समझने के लिए अम्बिकापुर पहुंचा
  • प्रतिनिधी मंडल ने अम्बिकापुर की व्यवस्था की तारीफ भी की औऱ इस स्वच्छता मॉडल को अपनाने की इच्छा भी जाहिर की
  • अम्बिकापुर देश की दूसरे सबसे स्वच्छ शहरो की फेहरिस्त मे शुमार है

अम्बिकापुर: शहर की ख्याति अब देश से निकल कर पडोसी देशों तक पहुंच चुकी है.. यही वजह है कि देश की दूसरे सबसे स्वच्छ शहरो की फेहरिस्त मे शुमार अम्बिकापुर की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेने दूसरे मुल्क के लोग अम्बिकापुर पहुंचने लगे हैं. इस क्रम मे नेपाल का एक प्रतिनिधी मंडल अम्बिकापुर पहुंचा..ये दल ठोस एंव तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संचालन के तौर तरीके और नेपाल के शहरो को डस्टबीन फ्री बनाने की प्रकिया समझने के लिए अम्बिकापुर पहुंचा था..जिन्होने अम्बिकापुर की व्यवस्था की तारीफ भी की औऱ इस स्वच्छता मॉडल को अपनाने की इच्छा भी जाहिर की.

देश के छत्तीसगढ मे स्थित आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले का अम्बिकापुर नगर निगम अपनी स्वच्छता व्यवस्था के कारण विदेशो मे भी चर्चित होने लगा है.. देश के दूसरे नंबर का सबसे स्वच्छ शहर अम्बिकापुर देश के अन्य शहरो के लिए तो पहले ही मॉडल शहर बन चुका था.. लेकिन अब यहां की सफाई व्यवस्था को सीखने पडोसी देश के लोग भी अम्बिकापुर पहुंचने लगे है.. दरअसल इन दिनो नेपाल के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव केदार विशाल की अगुवाई मे एक दल अम्बिकापुर पहुंचा हुआ.. जिन्होने अम्बिकापुर का भ्रमण कर स्वच्छता व्यवस्था जायजा लिया. और इस भ्रमण के दौरान खुद नेपाल सरकार के सचिव ने माना कि अम्बिकापुर मे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बाद उसके निपटान की जो व्यवस्था बनाई गई है.. वो बहुत बेहतर है.

देश के दूसरे सबसे स्वच्छ शहर और पहला डस्टबीन फ्री शहर के रूप मे स्थापित अम्बिकापुर के सफाई मॉडल को देखने आए नेपाल के इस प्रतिनिधी मंडल मे ना केवल नेपाल सरकार के अधिकारी थे.. बल्कि इस दल मे पूर्वी नेपाल के विरेन्द्रनगर के मेयर और वहां सफाई के क्षेत्र मे काम करने वाले बडे एनजीओ के लोग भी थे.. जिन्होने शुक्रवार को दिन भर शहर मे स्थापित एक दर्जन से अधिक एसएलआऱएम सेंटर, कचरो के डपिंग यार्ड के ढाककर उसके ऊपर बनाए गए सेनेटरी पार्क और शहर के गली मोहल्लो का जायजा लिया.. जिसके बाद पडोसी मुल्क से आए प्रतिनिधिमंडल के लोगो ने अम्बिकापुर की जमकर तारीफ की.. नेपाल से आई एनजीओ प्रमुख आयाशा खातून के मुताबिक उन्होने पहली बार ठोस एंव तरल अपशिष्ट प्रबंधन देखा है.. जिसमे प्लास्टिक औऱ अन्य कचरो को अलग अलग हिस्से मे रखकर उसके निपटान की उचित व्यवस्था की जा रही है.. इतना ही नही इन लोगो ने माना कि ये सिस्टम नेपाल मे जल्द चालू किया जाएगा.

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सालिड लिकविड वेस्ट मेनेजमेंट के गुर सीखने अम्बिकापुर आए नेपाल सरकार के लोगो के साथ निगम का पूरा अमला दिन भर लगा रहा.. और इन लोगो ने स्वस्छता व्यवस्था के साथ एसएलआरएम को लेकर जो कुछ सीखना या समझना चाहा.. निगम के अधिकारियो ने उनकी मदद की औऱ अम्बिकापुर का भ्रमण कराया.. अम्बिकापुर वैसे तो अब किसी तमगे का मोहताज नहीं है.. क्योकि पिछले पांच सात सालो मे इसने अपनी क्लीन सिटी वाली ऐसी ईमेज डेवलप कर ली है कि अब देश के बाहर के लोग भी इसे स्वच्छता के लिहाज से मॉडल मान रहे है.. औऱ इसकी तरह व्यवस्था डवलप करने का मन बना रहे हैं... बहरहाल 2020 के देश के दूसरे पायदान से पहले पायदान पर पहुंचने के लिए अभी भी जिला प्रशासन औरनिगम प्रबंधन के साथ आम लोग सफाई को लेकर रोज नए प्रय़ास कर रहे हैं.. ऐसे मे अब अम्बिकापुर के लोगो इंतजार है कि अपना शहर देश का दूसरे से पहला स्वस्छ शहर की तमगा हासिल कर ले.

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