इस सरकारी स्कूल के बच्चों की अंग्रेज़ी ऐसी कि They can leave अंग्रेज़ behind

संक्षेप:

  • कवर्धा में परिजन अपने बच्चों को प्राइव्हेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में डाल रहे हैं
  • जिले में पहली बार एक साल पहले जिला प्रशासन ने सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरु किया था
  • स्कूल के सभी बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोल लेते है।

कवर्धा. आज उनका हर मिडिल क्साल परिवार चाहता है कि उनका बच्चा किसी प्राइव्हेट स्कूल में पढ़े ताकि फ़र्राटेदार अंग्रेज़ी बोल सके और नौकरी भी आसानी से मिल सके। लेकिन कवर्धा में उल्टी गंगा बह रही है। यहां परिजन अपने बच्चों को प्राइव्हेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में डाल रहे हैं।

दरअसल इस स्कूल में पढ़ाई का अच्छा स्तर बहुत अच्छा है। कवर्धा जिले में पहली बार एक साल पहले जिला प्रशासन ने सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरु किया था। ये स्कूल बोड़ला, कवर्धा, सहसपुर लोहारा व पंडरिया ब्लॉक में हैं। एक वर्ष के भीतर इन स्कूलों में पढ़ाई करने बच्चों की संख्या बढ़ी है।

अंग्रेजी विषय के शिक्षक सागर मानिकपुरी ने बताया कि मिडिल स्कूल के सभी बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोल लेते है। इनकी पूरी पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से होती है। खास बात यह है कि करीब 44 बच्चों ने निजी स्कूल छोड़कर इस स्कूल में एडमिशन लिया है।

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बच्चों को ग्रामर का भी अच्छा ज्ञान है। जिले के सभी निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल पहले से सीबीएससी पैटर्न को अपना कर पढ़ाई कराते है। इसे देखते हुए इस सरकारी मिडिल स्कूल में पढ़ाई के लिए सीबीएसई पैटर्न को अपनाया गया है। बच्चे यहां हमेशा अंग्रेजी में बात करते हैं। स्कूल के भीतर बच्चों को अंग्रेजी में बोलना जरुरी है। नहीं बोलने पर इन्हें होमवर्क ज्यादा दिया जाता है।

अंग्रेजी भाषा में बेहतर पकड़ होने के कारण इस छात्रा को अब रायपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भेजा जाएगा। इस सरकारी स्कूल में बच्चों की हैंडराइटिंग अच्छी हो इसका भी ध्यान टीचर रख रहे हैं। इसके लिए अलग से हर रोज राइटिंग प्रैक्टिस भी बच्चों से करवाई जाती है।

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