सांसद कमलनाथ के लिए कितना आसान होगा छिंदवाड़ा से विधायक बनना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने गृह जिले छिंदवाड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. अभी वो छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से ही सांसद हैं. मुख्यमंत्री बनने के छह महीने बाद उनको विधानसभा प्रतिनिधि बनना होगा. हालांकि इसके लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है और छिंदवाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना ने अपना इस्तीफा दे दिया है. यह बात सही है कि छिंदवाड़ा में हमेशा कमलनाथ का ही बोलबाला रहा है लेकिन इस बार राजनीतिक सरगर्मियां इसलिए भी तेज हैं क्योंकि कमलनाथ मुख्यमंत्री बने हैं. वे पिछली नौ बार से छिंदवाड़ा से ही सांसद हैं और इसीलिए उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए ही छिंदवाड़ा ही चुना है.कमलनाथ के बाद ये हो सकते हैं छिंदवाड़ा के अगले सांसद!googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1548417314420-0'); });googletag.cmd.push(function() {googletag.defineSlot('/1039154/Hindi_News18/Hindi_News18_Ros/Hindi_News18_ROS_728x90_MGID', [728, 90], 'div-gpt-ad-1548417314420-0').addService(googletag.pubads());googletag.pubads().enableSingleRequest();googletag.pubads().collapseEmptyDivs();googletag.enableServices();});कमलनाथ के लिए छिंदवाड़ा से विधायक बनना कोई कठिन चुनौती नहीं होगी. उसके बहुत से कारण हैं. पहला और प्रमुख कारण यह होगा कि वे हमेश छिंदवाड़ा के विकास की बात करते हैं. इतना ही नहीं वे देश में ही नहीं पूरे विश्व में छिंदवाड़ा को एक विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हैं.मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वे पहली बार छिंदवाड़ा पहुंचे तो उन्होंने यही कहा कि मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा की जनता की सरकार है. दो महीने में वे चार बार छिंदवाड़ा जा चुके हैं. और हर बार वो जनता को संबोधित करते हैं और प्रदेश भर में छिंदवाड़ा मॉडल लागू करने की बात करते हैं. इस बार विधानसभा चुनाव के बाद छिंदवाड़ा की सातों विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है. जिले में विधानसभा की चार सीटें अमरवाड़ा (एसटी), परासिया (एससी) , जुन्नारदेव (एसटी) और पांढुर्णा (एसटी) आरक्षित वर्ग के लिए हैं. जबकि छिंदवाड़ा, सौंसर और चौरई सामान्य सीट है. इसी छिंदवाड़ा से ही कमलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं. छिंदवाड़ा के लिए कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कई ऐलान किए हैं. उन्होंने आदिवासियों के लिए नए रास्तों के निर्माण के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा उन्होंने छिंदवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के लिए भी कवायद शुरू कर दी है.Loading... (function(){var D=new Date(),d=document,b='body',ce='createElement',ac='appendChild',st='style',ds='display',n='none',gi='getElementById',lp=d.location.protocol,wp=lp.indexOf('http')==0?lp:'https:';var i=d[ce]('iframe');i[st][ds]=n;d[gi]('M370080ScriptRootC285148')[ac](i);try{var iw=i.contentWindow.document;iw.open();iw.writeln(''+'dy>'+'ml>');iw.close();var c=iw[b];}catch(e){var iw=d;var c=d[gi]('M370080ScriptRootC285148');}var dv=iw[ce]('div');dv.id='MG_ID';dv[st][ds]=n;dv.innerHTML=285148;c[ac](dv);var s=iw[ce]('script');s.async='async';s.defer='defer';s.charset='utf-8';s.src=wp+'//jsc.mgid.com/h/i/hindi.news18.com.285148.js?t='+D.getYear()+D.getMonth()+D.getUTCDate()+D.getUTCHours();c[ac](s);})();छिंदवाड़ा की जनता कमलनाथ से लंबे समय से जुड़ी हुई है. कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ इस बार छिंदवाड़ा से कमलनाथ की जगह लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. वे लगातार जनता के बीच ही रहते हैं. इन सबके अलावा छिंदवाड़ा से विधायक पद से इस्तीफा देने वाले दीपक सक्सेना कमलनाथ के काफी करीबी माने जाते हैं. वे कई बार छिंदवाड़ा से विधायक रह चुके हैं.यह पढ़ें- कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा, छिंदवाड़ा सीट से चुनाव लड़ेंगे CM कमलनाथ।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।