उत्तराखंड आपदा: तपोवन प्रोजेक्ट में काम करने आए सभी 178 लोग लापता, सेना के जवानों ने 10 शव किए बरामद

संक्षेप:

  • चमोली में ग्लेशियर फटने से प्रलय जैसे हालात
  • तपोवन प्रोजेक्ट में काम करने आए 178 कर्मचारी लापता
  • रेस्क्यू में जुटे सेना के जवानों ने 10 शव किए बरामद

उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से प्रलय जैसे हालात हो गए हैं... स्थिति से निपटने के लिए सेना के 500 ज्यादा जवान राहत कार्य में जुटे हुए हैं... वायुसेना भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है... तपोवन प्रोजेक्ट के टनल में काम करने वाले 176 कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं... जबकि 10 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.. आशंका है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है..

आर्मी और आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंचकर लगातार तपोवन और रैनी गांव का जायजा ले रहे हैं... आर्मी और ITBP के जवानों ने मुख्यमंत्री रावत को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया... सीएम रावत ने मीडिया के सामने कहा कि अलकनंदा नदी के आसपास गांवों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है... सीएम त्रिवेंद्र रावत ने हवाई सर्वेक्षण करके स्थिति का जायजा लिया है... उनके साथ डीएम और एसपी भी मौजूद हैं... सीएम ने ट्वीट कर जानकारी दी है |

राहत की खबर ये है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है... नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है... राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है...

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खबरें आ रही हैं कि तपोवन में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में काम करने वाले 178 लोगों ने कंपनी में अपनी एंट्री करवाई थी... टनल में काम करने वाले वो सारे लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं... वहीं चमोली में गिलेशिर त्रासदी को लेकर डीजीपी अशोक कुमार पल-पल की जानकारी ले रहें हैं.य अल्मोड़ा पहुंचे डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि हादसे में ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट ध्वस्त हो गया है. इसमें काम करने वाले करीब 50 लोगों के हताहत होने की संभावना है|

 

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