हेमवती नंदन बहुगुणा की 100वीं जयंती के दिन हम आपको बताएंगे हिमालय पुत्र से जुड़ी कई खास बातें.

संक्षेप:

  • हिमालय पुत्र के नाम से मशहूर स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की आज 100वीं जयंती है.
  • 17 मार्च 1989 में ओहियो, अमेरिका में हेमवती नंदन बहुगुणा की बाइपास सर्जरी फेल होने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई थी.
  • बहुगुणा पर अंग्रेजों ने रखा था 5 हजार का इनाम

हिमालय पुत्र के नाम से मशहूर स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की आज 100वीं जयंती है. उत्तर प्रदेश के 8वें मुख्यमंत्री रहे हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म उत्तराखंड के बुघाणी में 25 अप्रैल 1919 को हुआ था. इसके बाद उनका परिवार इलाहाबाद में रहने लगा. हेमवती नंदन बहुगुणा होने के साथ ही समाजसेवी भी रहे. 17 मार्च 1989 में ओहियो, अमेरिका में हेमवती नंदन बहुगुणा की बाइपास सर्जरी फेल होने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई थी. बहुगुणा का जीवन काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा.
पौड़ी गढ़वाल में हुयी थी बहुगुणा की प्राथमिक शिक्षा। 1946 में बहुगुणा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री हासिल की थी।

बहुगुणा पर अंग्रेजों ने रखा था 5 हजार का इनाम
साल 1936 से 1942 तक बहुगुणा छात्र आंदोलन में शामिल रहे. उस दौरान बहुगुणा अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही कर रहे थे. साल 1942 में `भारत छोड़ो आंदोलन` में शामिल होकर काम करने की वजह से बहुगुणा को बहुत लोकप्रियता मिली. इस वजह से अंग्रेजों ने हेमवती नंदन बहुगुणा को जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की. फिर 1 फरवरी 1943 को दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के पास बहुगुणा को गिरफ्तार किया गया. साल 1945 तक बहुगुणा जेल में रहे.

इस वजह से कहलाये हिमालये पुत्र :साल 1980 में गढ़वाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए बहुगुणा को जीत तो मिली, लेकिन पहाड़ की आन-बान-शान के लिए बहुगुणा ने 6 महीने में ही कांग्रेस और सांसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इस दौरान बहुगुणा चाहते थे कि केंद्र में पहाड़ को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिले लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस्तीफा देने के बाद साल 1982 में हुये उपचुनाव के दौरान जहां कांग्रेस पूरे दमखम से प्रचार-प्रसार कर रही थी, तो वहीं बहुगुणा ने कहा था `पहाड़ टूटता है झुकता नहीं`.उपचुनाव को पहाड़ के सम्मान से जोड़ते हुए उपचुनाव को जीता और उन्हें हिमालय पुत्र के नाम से जाना जाने लगा.

ये भी पढ़े : मिसाल: विकास के लिए CM योगी ने अपने ही गोरखनाथ मंदिर की 200 दुकानों पर चलवाया बुल्डोजर


If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Dehradun Hindi News here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें

Related Articles