20 हजार फुट की ऊंचाई पर शुरू हुआ ITBP का सबसे खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन

संक्षेप:

  • 8 पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस का 20 हजार फुट की ऊंचाई पर हाई रिस्क ऑपरेशन शुरु हो गया है.
  • प्रशिक्षित पैरामिलिट्री पर्वतारोहियों को लेकर एक सेना का हवाई जहाज उड़ान भर चुका है.
  • भारतीय सेना के चॉपर विमानों ने सोमवार को नंदा देवी की ढलान पर पांच लोगों के शवों को देखा था

देहरादून: नंदा देवी में एवलांच आने से बर्फ में दब कर मर गए 8 पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस का 20 हजार फुट की ऊंचाई पर हाई रिस्क ऑपरेशन शुरु हो गया है. इसके लिए बुधवार सुबह प्रशिक्षित पैरामिलिट्री पर्वतारोहियों को लेकर एक सेना का हवाई जहाज उड़ान भर चुका है. भारतीय सेना के चॉपर विमानों ने सोमवार को नंदा देवी की ढलान पर पांच लोगों के शवों को उस वक्त देखा था, जब वे पिछले हफ्ते भी हिमस्खलन में दब गए चार ब्रिटिश, दो अमेरिकन, एक भारतीय और एक ऑस्ट्रेलियाई को खोजने निकले थे.

इसके अलावा तीन अन्य लोगों के शव भी चोटी के आस-पास कहीं दबे हो सकते हैं. ये सभी 12 पर्वतारोहियों के उस दल का हिस्सा थे, जिसका नेतृत्व अनुभवी ब्रिटिश पर्वतारोही मार्टिन मोरन कर रहे थे. ये लोग नंदा देवी के पूर्वी हिस्से में पर्वतारोहण के लिए गए. बुधवार का ऑपरेशन सुबह 5:00 बजे शुरू हुआ जब एक सैन्य हेलीकॉप्टर चार इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस (ITBP) के पर्वतारोहियों और पांच वायु सेना कर्मियों के साथ पास के पहाड़ी शहर मुनस्यारी से रवाना हुआ.

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आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार ने बताया कि ITBP के पर्वतारोहियों को हेलीकॉप्टर से 18,000-20,000 फीट पर उतारा जाना है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन बहुत ही उच्च-जोखिम और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में है, जहां अक्सर हिमस्खलन होते रहते हैं. बता दें 12 सदस्यीय पर्वतारोहियों का दल 10 मई, 2019 से 15 जून, 2019 तक पर्वतारोहण अभियान पर था, इसी दौरान इनमे से आठ पर्वतारोही लापता हो गये. अन्य चार सही सलामत बेस कैंप में लौट आए और उन्होंने अन्य के लापता होने की सूचना आईटीबीपी को दी. इन्ही लोगों की जानकारी के बाद यह अभियान जारी है.

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