देहरादून हुआ पौड़ी आरटीओ का तबादला, सरकार ने दी सजा या की मेहरबानी?

संक्षेप:

  • पौड़ी बस हादसे का मामला
  • जिले के आरटीओ पर सरकार की मेहरबानी
  • दी गई देहरादून आरटीओ की कुर्सी

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने पौड़ी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद जिले के आरटीओ पर मेहरबानी दिखाई है। दरअसल, आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई को स्थानांतरित करते हुए देहरादून आरटीओ की कुर्सी दे दी गई है। जबकि, देहरादून के आरटीओ सुधांशु गर्ग का पौड़ी ट्रांसफर कर दिया गया है।

आपको बता दें कि एक जुलाई को पौड़ी जिले में धुमाकोट के पास एक मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में 45 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। जबकि, 3 की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। हादसे में 12 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे। हादसे में मरने वालों में 10 मासूम बच्चे भी शामिल थे।

प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थीं। यह पता लगा था कि 28 सीटर बस में 60 यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया या खड़ा रखा गया था। इसके अलावा दो अन्य बातें भी सामने आई थी। पता लगा था कि बस की हालत ठीक नहीं थी। इसके अलावा सड़क पर एक बड़ा गड्ढा था, जो हादसे की वजह बना।

ये भी पढ़े : मायावती ने किया भीमराव अाम्बेडकर और कांशीराम के सपनों को चकनाचूर: महेन्द्र नाथ पाण्डेय


गौरतलब है कि ट्रांसफर से पहले आज सुबह बस चालकों से पौड़ी आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने मुलाकात की। एक कार्यक्रम के जरिए उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग पहाड़ों में सड़क हादसे की खास वजह है, इसलिए ओवरलोडिंग पर चालक और परिचालक पर मुकदमा दर्ज होगा। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।

48 यात्रियों की दर्दनाक मौत के बाद शासन ने अधिकारियों का फेरबदल किया है। इस फेरबदल के बाद गढ़वाल क्षेत्र की कमान डीआईजी पुष्पक ज्योति से लेकर अजय रौतेला को सौंपी गई है। वहीं, गढ़वाल कमिश्नर दिलीप जावलकर को भी पद से हटा दिया गया है। जावलकर की जगह अब पूर्व पर्यटन सचिव शैलेश बगोली को कमान सौंपी गई है।

वहीं, हादसे के बाद पहली बड़ी कार्रवाई करते हुये एसएसपी पौड़ी ने धुमाकोट के थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह कठैत को निलंबित कर दिया था। मुख्य सचिव ने एआरटीओ को भी निलंबित करने के निर्देश दिए थे। घटना के बाद सीएम ने पीडब्लूडी को सड़कों की मरम्मत के निर्देश भी दिये हैं।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Dehradun Hindi News here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें

Related Articles