पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग का प्रस्ताव शासन को सौंपा

संक्षेप:

जागरण संवाददाता, देहरादून: जल संस्थान और पेयजल निगम का एकीकरण कर निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों के रुख को देखते हुए शासन भी एक्टिव मोड पर आ गया है। सचिव पेयजल अरविंद सिंह हयांकी ने कर्मचारी संघों से मांग संबंधी प्रस्ताव मांगा और मांगों पर विचार का आश्वासन भी दिया। हालांकि, कर्मचारी संघों ने निर्णय लेने के लिए 30 जनवरी तक का समय दिया है।

शुक्रवार को सचिवालय में पेयजल सचिव अरविंद सिंह हयांकी ने पेयजल निगम एवं जल संस्थान कर्मचारी संघों के साथ वार्ता की। इसमें जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता व पेयजल निगम के एमडी भजन सिंह ने भी हिस्सा लिया। पेयजल सचिव ने कर्मचारी संघों की समस्याएं जानीं। इस पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ पेयजल निगम के प्रांतीय अध्यक्ष रामकुमार ने बताया कि राजकीयकरण न होने से पेयजल निगम के कर्मियों का समय पर वेतन नहीं आ पाता है। इसके अलावा भी कई वेतन विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल निगम का जल संस्थान के साथ एकीकरण कर निगम का राजकीयकरण किया जाना चाहिए। यही एकमात्र विकल्प है।



वार्ता में सभी संगठनों के बीच इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति भी व्यक्त की गई और संबंधित मांग का प्रस्ताव सचिव को सौंपा गया। सचिव अरविंद सिंह ने जल्द ही उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने व उचित निर्णय लेने की बात कही। इस पर कर्मचारी संघों ने कहा कि उन्हें शासन से कई बार आश्वासन मिल चुके हैं। उन्होंने सचिव से 30 जनवरी तक निर्णय लेने की मांग की। वार्ता में पेयजल निगम के ईई ओपी सिंह, कर्मचारी समन्वय समिति से एके चतुर्वेदी, प्रवीन सिंह रावत, विजय खाली आदि मौजूद थे।

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