शराबबंंदी के लिए पीएम को लिखा पत्र, जानिए क्या मिला जवाब?

संक्षेप:

  • उत्तराखंड में जारी है शराब का विरोध
  • समाज सेवी ने लिखा पीएम को पत्र
  • पत्र में लिखा- राज्य बिना शराब बेचे भी कमा सकता है राजस्व

 

देहरादून: उत्तराखंड में शराब को लेकर हो रहा जबरदस्त विरोध की हवा अब प्रधानमंत्री ऑफिस तक पहुंच गयी है। देहरादून के रहने वाले समाजसेवी अजय कुमार ने प्रधानमंत्री को राज्य में हो रहे शराब विरोध से अवगत करवाया है साथ ही शराब के कारण पहाड़ के घर कैसे बर्बाद हो रहे हैं इसकी भी जानकारी दी है।

अजय कुमार ने बकायदा पीएम को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य बिना शराब बेचे भी राजस्व कमा सकता है। पत्र में इसके लिए बकायदा कही तरह के सुझाव भी दिए गए हैं। उत्तराखंड में शराब को लेकर कुमाऊं और गढ़वाल दोनों जगहों पर महिलाओं ने विरोध में कई जगह धरना दिया है। जिसके बाद राज्य सरकार को भी कुछ समझ नहीं आ रहा है कि वो करे तो करे क्या?

अजय कुमार के पत्र के जवाब में पीएमओ से राज्य सरकार को एक पत्र आया है जिसमें शराबबंदी को लेकर प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा गया है। केंद्र से आये इस पत्र में राज्य के मुख्य सचिव को कोट करते हुए लिखा गया है कि इस पत्र पर ना केवल आप संज्ञान लें बल्कि इस दिशा में क्या-क्या हो सकता है उससे भी पीएमओ और शिकायतकर्ता को अवगत कराएं।

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अजय कुमार का कहना है कि राज्य में और भी कई स्रोत हैं जिससे राज्य को अच्छे पैसे मिल सकते हैं लेकिन राज्य में कोई भी सरकार हो उन्होंने अपना ये मन बना लिया है कि अगर पैसे कमाने हैं तो सिर्फ शराब के जरिए ही जबकि ऐसा नहीं है। वो कहते हैं कि एकदम से शराब बंद करना मुमकिन नहीं है इसके लिए पहले देसी शराब को राज्य में बंद करना होगा उसके बाद अंग्रेजी शराब को। अगर राज्य में शराबबंदी होती है तो महिलाओं को काफी खुशी होगी क्योंकि पहाड़ों पर शराब का सबसे ज्यादा दंश घर की महिलाएं ही झेलती हैं।

गौर हो कि पिछले एक महीने से शराब को लेकर पूरे प्रदेश में हंगामा मचा हुआ है। इस विरोध में सबसे ज्यादा महिलाएं आगे आ रही हैं। महिलाओं ने कई जगह इस विरोध के चलते दुकानों में तोड़ फोड़ से लेकर हर वो प्रयास कर लिया है जिससे राज्य में शराब को बंद किया जाए लेकिन सरकार अभी पूर्ण शराबबंदी पर राजी नहीं है।

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