ट्रांसफर एक्ट में संशोधन करने जा रही है रावत सरकार, तमाम विभागों से मांगे गए सुझाव

संक्षेप:

  • ट्रांसफर एक्ट में संशोधन करने जा रही है रावत सरकार
  • तमाम विभागों से मांगे गए 15 दिनों के अंदर सुझाव
  • विभाग के साथ शासन स्तर पर भी आ रही थीं समस्याएं

देहरादून: उत्तराखंड की रावत सरकार तबादला नीति को लेकर लगातार कई विभागों में हो रहे विवाद के बाद अब ट्रांसफर एक्ट में संशोधन करने जा रही है। साल 2017 में बनाए गए इस अधिनियम में बदलाव के लिए कार्मिक विभाग ने तमाम विभागों से 15 दिनों के अंदर सुझाव मांगे हैं।

इस एक्ट को लेकर विभाग के साथ शासन स्तर पर भी समस्याएं आ रही थीं। बताया जा रहा है कि इस एक्ट में कई बातों को स्पष्ट नहीं किया गया है, जिससे तबादला करने में विभागों को समस्या आ रही है।

साल 2017 में जब यह तबादला नीति बनी थी उस वक्त भी कई विभागों ने इसको लागू करवाने में असमर्थता जताई थी। जिसके बाद शासन को भी सोचना पड़ा था और सिर्फ 10% ही विभागों में इसको लागू करने की बात की गई थी। यह एक्ट इतना जटिल और कठिन है कि विभागों की समझ में भी नहीं आ रहा था। जिसके बाद लगातार विभाग इसमें संशोधन की मांग कर रहे थे।

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विभागों की मांग को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को अपर सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को पत्र जारी किया। जिसमें विभागों को 15 दिन के अंदर कुछ अपने सुझाव देने की बात कही गई है।

दरअसल, विभाग को इसलिए कठिनाई आ रही थी, क्योंकि इस एक्ट में राजस्व से जुड़े विभागों के बारे में कई बातें स्पष्ट नहीं थीं। इतना ही नहीं कई विभागों में जिस तरह से कर्मचारियों की कमी है यह एक्ट अगर उनमें लागू होता है तो विभाग ठीक से काम नहीं कर पाएंगे। इस एक्ट में विकलांग, माता-पिता और पति-पत्नी का अनिवार्य तबादला और तबादले की उम्र को लेकर भी बातें स्पष्ट नहीं थीं।

आपको बता दें कि यह एक्ट जब लागू हुआ था तभी शासन की तरफ से एक कमेटी बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्य सचिव उत्पल कुमार कर रहे हैं। शासन को भी यह लगने लगा है कि इस एक्ट में संशोधन की जरूरत है और शायद यही कारण है कि अब उस जरूरत को पूरा करने के लिए शासन अपनी तैयारियों में जुट गया है।

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