त्रिस्तरीय पंचायतों में आरक्षण 27 अगस्त तक फाइनल हो जाएगा

सरकार इसी दिन राज्य निर्वाचन आयोग को आरक्षण तय हो जाने की सूचना देगी।

इसके बाद, चुनाव कराने को लेकर गेंद राज्य निर्वाचन आयोग के पाले में चली जाएगी।

आरक्षण के कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को शासनादेश जारी हो गया। पंचायती राज के प्रभारी सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा की ओर से मंगलवार देर शाम यह आदेश जारी किया गया।

पंचायती राज के अपर सचिव व निदेशक हरिचंद्र सेमवाल के अनुसार, जिलों से अपेक्षा की गई है कि वह तय कार्यक्रम के अनुसार, आरक्षण तय करने की प्रक्रिया को पूरा करेंगे।

इसके साथ ही शासन ने सभी जिलाधिकारियों को आरक्षण तय करने में इस्तेमाल होने वाले सूत्र विस्तार से समझाते हुए प्रेषित कर दिए हैं।

शासन ने किस जाति के लिए कितनी सीटें आरक्षित हो रही हैं, इसकी जानकारी भी दी है। यह है पंचायतों में आरक्षण का कार्यक्रम आरक्षण प्रस्तावों का अनंतिम प्रकाशन-17 अगस्त प्रस्तावों पर आपत्तियां प्राप्त करना-19 से 20 अगस्त डीएम स्तर पर आपत्तियों का निस्तारण-21 से 22 अगस्त आरक्षण प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन-24 अगस्त आरक्षण प्रस्ताव निदेशालय को भेजना- 26 अगस्त निदेशालय स्तर पर शासन, आयोग को प्रस्ताव भेजना-27 अगस्त पदों के लिए आरक्षण की व्यवस्था जिला पंचायत अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति-कोई नहीं अनुसूचित जाति-दो एक महिला, एक अनारक्षित अन्य पिछड़ा वर्ग-दो, एक महिला, एक अनारक्षित ब्लाक प्रमुख अनुसूचित जनजाति, तीन पद, दो महिला, एक अनारक्षित नोट-तीन पद बन रहे हैं कुल जनसंख्या के हिसाब से, लेकिन जिले को इकाई मानते हुए सूत्र के अनुसार, दो पद दिए जा रहे हैं, एक पद का पुनिर्वतरण किया जा रहा है। अनुसूचित जाति-18, नौ महिला, नौ अनारक्षित नोट-राज्य की कुल जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति के कुल 18 पद बन रहे हैं, लेकिन जिले को इकाई मानते हुए सूत्र के अनुसार, वितरण करने पर कुल 23 पद वितरित हो रहे हैं, इसमें से 15 पद महिलाओं को आवंटित किए जा रहे हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग-सात महिला, आठ अनारक्षित नोट-कुल जनसंख्या के आधार पर 13 पद बन रहे हैं, लेकिन सूत्र के अनुसार जिलो में वितरण के बाद 11 पद बन रहे हैं।

इसलिए दो पदों को वितरित न करने के लिए छूट प्रदान की जाती है।

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