Top 20 में शामिल उत्तराखंड के इस होनहार का स्टार्टअप, दिल के मरीजों के लिए बनाई ये खास डिवाइस

संक्षेप:

  • उत्तराखंड के रजत जैन ने देश के टॉप-20 स्टार्टअप में स्थान हासिल किया है.
  • मैकेनिकल इंजीनियर रजत ने दिल की बीमारी का पता लगाने वाली स्पेनडन डिवाइस का उत्पादन शुरू किया है.
  • प्रदेश के नामी अस्पतालों में मरीजों पर इस डिवाइस का ट्रायल चल रहा है.

देहरादून: उत्तराखंड के रजत जैन ने देश के टॉप-20 स्टार्टअप में स्थान हासिल किया है. वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की ओर से हाल ही में चीन में आयोजित न्यू चैंपियन मीटिंग में रजत को भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. मैकेनिकल इंजीनियर रजत ने स्टार्टअप के रूप में सनफॉक्स कंपनी के नाम से दिल की बीमारी का पता लगाने वाली स्पेनडन डिवाइस का उत्पादन शुरू किया है. प्रदेश के नामी अस्पतालों में मरीजों पर इस डिवाइस का ट्रायल चल रहा है. जल्द ही यह डिवाइस आम लोगों के लिए बाजार में उपलब्ध होगी.

ग्राफिक एरा संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले रजत जैन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट टेक्नोलॉजी से स्पेनडन डिवाइस तैयार की है. इसकी खास बात ये है कि इस डिवाइस से अनपढ़ से लेकर डॉक्टर तक कोई भी दिल की बीमारी का पता कर सकता है.

भारत से छह स्टार्ट अप का चयन

ये भी पढ़े : Reliance Jio Giga Fiber: अब घर बैठे देख पाएंगे रिलीजिंग डेट पर फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो


साथ ही मशीन यह भी अलर्ट कर देती है कि दिल की बीमारी होने की कितने प्रतिशत संभावना है. रजत ने अपने इस आइडिया को स्टार्टअप के जरिये उद्योग के रूप में स्थापित करने की ओर कदम बढ़ाए. केंद्र और राज्य सरकार ने भी रजत की स्टार्टअप कंपनी सनफॉक्स को मान्यता दी है. एक से तीन जुलाई को चीन में वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम ने न्यू चैंपियन मीटिंग में विश्व के कई देशों से टॉप-96 स्टार्ट अप को आमंत्रित किया. जिसमें भारत से छह स्टार्ट अप का चयन किया गया. इसमें रजत जैन भी शामिल थे. रजत के उद्योग को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर और उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो. वीके तिवारी सहयोग कर रहे हैं.

स्टार्टअप के लिए यह है सरकार का सहयोग

प्रदेश सरकार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग कर रही है. सामान्य वर्ग के स्टार्टअप को 10 हजार, एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग वर्ग को 15 हजार (प्रति स्टार्ट अप) मासिक भत्ता एक साल तक दिया जा रहा है. इसके साथ ही नए उत्पाद की मार्केटिंग के लिए सामान्य वर्ग के स्टार्ट अप को 5 लाख और एससी, एसटी व महिला वर्ग को 7.5 लाख तक दिया जा रहा है. एमएसएमई नीति के अनुसार स्टांप ड्यूटी और एसजीएसटी में छूट का लाभ दिया जा रहा है. मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटरों को तीन साल की अवधि तक संचालन एवं प्रबंधन खर्च के रूप में दो लाख प्रति वर्ष दिया जा रहा है.

क्या कहा रजत जैन ने

`देश के टॉप स्टार्टअप में जगह हासिल करना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. स्पेनडन डिवाइस का उत्पादन शुरू हो गया है. मैक्स, फोर्टिज, एम्स समेत अन्य बड़े अस्पतालों में डिवाइस से मरीजों की जांच का ट्रायल चल रहा है. जल्द ही यह डिवाइस बाजार में आम लोगों की उपलब्ध होगी. इस डिवाइस से कोई भी व्यक्ति घर बैठे दिल की बीमारी का पता कर सकेगा`.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Dehradun Hindi News here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें

Related Articles