कौन है तान्या शेरगिल? गणतंत्र दिवस परेड पर सेना की टुकड़ी को करेंगी लीड, Army Day परेड में भी किया नेतृत्व

संक्षेप:

  • आज 72वां सेना दिवस है, खास बात यह है कि आर्मी परेड को लीड किया कैप्टन तान्या शेरगिल ने.
  • तान्या गणतंत्र दिवस परेड में भी सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी.
  • पहली बार कोई महिला अधिकारी ने आर्मी डे परेड को लीड किया है.

नई दिल्ली:आज 72वां सेना दिवस है, खास बात यह है कि आर्मी परेड को लीड किया कैप्टन तान्या शेरगिल ने। तान्या गणतंत्र दिवस परेड में भी सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। पहली बार कोई महिला अधिकारी ने आर्मी डे परेड को लीड किया है। तान्या परिवार की चौथी पीढ़ी हैं जो सेना में भर्ती हुईं। यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व सौंपा गया हो। कैप्टन शेरगिल के बारे में खास बात यह जरूर है कि वह अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं जो सेना में रहकर देश की सेवा कर रही हैं।

कैप्टन तान्या शेरगिल पुरुषों की सभी टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी

ये भी पढ़े : भोले बाबा का जलाभिषेक करने जा रहे तीन कांवरियों की डूबने से मौत


सेना दिवस पर बुधवार को पहली बार एक महिला अधिकारी कैप्टन तान्या शेरगिल पुरुषों की सभी टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। शेरगिल सेना के सिग्नल कोर में कैप्टन हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशंस में बीटेक करने वाली तान्या सेना में भर्ती होनेवाली अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं। उनके पिता तोपखाने (आर्टिलरी), दादा बख्तरबंद (आर्म्ड) और परदादा सिख रेजिमेंट में पैदल सैनिक (इन्फेंट्री) के तौर पर सेवा दे चुके हैं। आर्मी डे परेड का नेतृत्व करनेवाली पहली महिला अधिकारी बनीं कैप्टन तान्या। तान्या को देशसेवा और सैन्य अनुशासन एक तरह से पारिवारिक विरासत में ही मिला है।

भावना कस्तूरी भी कर चुकी हैं गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व

इससे पहले पिछले साल कैप्टन भावना कस्तूरी गणतंत्र दिवस पर सभी पुरुषों का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। तान्या की उपलब्धि इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सेना में भर्ती होने का फैसला किया।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles