धमतरी: हमालों की नाराज़गी का खामियाज़ा भुगत रहे छोटे किसान, खुद तौल रहे हैं धान

संक्षेप:

हमालों की नाराज़गी का खामियाजा भुगत रहे हैं छोटे किसान

किसानों ने स्वयं धान की तौलाई कर समर्थन मूल्य में अपना धान बेचा

खरेंगा प्रबंधक के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज़ हैं हमाल

एक तरफ जहां जहां नए किसान बिल को लेकर किसान धरने पर बैठे हैं और सरकार से बिलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.. जिसको लेकर सरकार के साथ किसानों की कई बार बातचीत भी हुई लेकिन सभी बैठकें बेनतीज रहीं... वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के धमतरी में समर्थन मूल्य में धान की खरीदी समय पर शुरू नहीं होने से हमाल नाराज चल रहे हैं। मंगलवार को खरीदी केंद्र नहीं पहुंचे।

लंबे इंतजार के बाद धान बेचने पहुंचे छोटे किसानों ने स्वयं धान की तौलाई कर समर्थन मूल्य में अपना धान बेचा, जबकि बड़े किसान हमालों का इंतजार करते रहे। धमतरी तहसील के धान खरीदी केंद्र खरेंगा में मंगलवार को धान का वजन करने वाले हमाल नहीं पहुंचे। जबकि समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए सुबह से किसान धान लेकर पहुंच गए थे। 10 बजे उपार्जन केंद्र के प्रबंधक वेदू राम साहू पहुंचे तो देखा कि हमाल नदारद रहे। ऐसे में समर्थन मूल्य में धान की खरीदी कर पाना संभव नहीं था। जब किसानों ने खरीदी की बात प्रबंधक से की और हमाल नहीं होने की जानकारी दी। ऐसे में कुछ छोटे किसान धान तौलाई करने को तैयार हो गए। तराजू-बाट के पास पहुंचे और धान की तौलाई शुरू कर दी। प्रबंधक ने भी उनके तौलाई से राजी होकर इन किसानों से धान खरीद लिया।

उन्होंने कहा कि धान की तौलाई करने वाले इन किसानों को उनकी मेहनताना अलग से दिया जाएगा। जबकि समर्थन मूल्य में धान बेचने पहुंचे बड़े किसान हमालों के पहुंचने का इंतजार दोपहर तक करते रहे। लेकिन वे नहीं पहुंचे। ऐसे में बड़े किसान अपना धान नहीं बेच सके। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।  वहीं नाराज़ चल रहे हमालों का कहना है कि धान खरीदी केंद्र खरेंगा के प्रबंधक समय पर केंद्र में नहीं पहुंचते। वह हर रोज सुबह 11 बजे केंद्र पहुंचते हैं, जबकि हमाल सुबह आठ बजे से पहुंच जाते हैं। प्रबंधक के आने के बाद ही धान खरीदी शुरू होती है। ऐसे में समय पर धान खरीदी नहीं होने के कारण हमालों को धान को व्यवस्थित करने में देर रात का समय लग जाता है। जब तक खरेंगा में कोई सुधार नहीं होगा तब तक किसानों को उनकी नाराज़गी का सामना करना पड़ेगा..

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