सेंट्रल पूल भेजे जाने वाले चावल को परखने दिल्ली से पहुंची टीम, सोसाइटी की भी जांच

संक्षेप:

पीडीएस के चावल का सैंपल लिया और टेस्टिंग के लिए भेज दिया लैब

सेंट्रल पूल का चावल का कोटा कम करने के बाद अब केंद्र सरकार ने क्वालिटी की जांच शुरू करवा दी है। यही नहीं केंद्र ने अपने हिस्से के राशन कार्डधारियों को वितरित हो रहे चावल की क्वालिटी की जांच भी करेगी। चावल लेने से पहले पहली बार ऐसी जांच करवाई जा रही है। बुधवार को सेंट्रल नई दिल्ली की टीम दुर्ग पहुंची। टीम ने तीन गोदामों में रखे चावल के सैंपल लिए। उसके बाद सोसायटी में राशन कार्डधारियों को चावल वितरण हो रहा है उसका भी सैंपल लिए गए। पहली बार सोसायटी में जाकर हितग्राहियों से चर्चा की और सैंपल जुटाए। गोदामों में कितना पुराना स्टॉक है और कितना नया चावल आया है इसका भी ब्योरा जुटाया। केंद्र सरकार ने इस बार छत्तीसगढ़ से चावल का कोटा कम कर दिया है। पहले केंद्र सरकार ने 60 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने का निर्णय लिया था जिसे कटौती कर 24 लाख टन कर दिया है। दुर्ग जिले से इस बार पिछले साल से अधिक चावल सेंट्रल पूल के लिए भेजा जाएगा।

पिछले साल का चावल भी अब पूरा नहीं भेजा गया


सेंट्रल पूल में पिछले साल का 3 लाख 59 हजार 588 मीट्रिक टन चावल भेजना तय हुआ था। हाल यह है कि दुर्ग जिले के गोदामों में पिछले साल का चावल डंप है। करीब 1 लाख 27 हजार मीट्रिक टन चावल दुर्ग के कृषि उपज मंडी स्थित गोदाम में है। इस स्थिति में चावल की क्वालिटी खराब हो सकती है। नया चावल भी सेंट्रल पूल के लिए मिलरों ने देना शुरू कर दिया है।

सेंट्रल पूल के लिए 5.42 लाख की होगी धान खरीदी


दिल्ली की टीम जिले में चल रहे धान खरीदी का भी निरीक्षण करेगी। टीम आने की सूचना के बाद जिले के 90 धान खरीदी केंद्रों मेें निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्था दुरूस्त कर लें। सेंट्रल पूल के लिए 5 लाख 42 हजार 500 मीट्रिक टन धान खरीदी होनी है। टीम द्वारा धान में नमी की जांच की जाएगी। कितनी मात्रा में अब तक खरीदी हुई है और कितना परिवहन हुआ है इसकी रिपोर्ट लेंगे।

दिल्ली के लैब में होगी लिए गए सैंपलों की जांच

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सेंट्रल की टीम के प्रमुख एफसीआई दिल्ली के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. प्रीति शुक्ला की टीम ने गोदामों और करंजा भिलाई सहकारी वितरण की दुकान में गई। यहां चावल लेने वाले हितग्राहियों से बातचीत कर जानकारी जुटाई। चावल किस तरह का मिल रहा है। कितनी मात्रा में दे रहे हैं या फिर कोई दिक्कतें हैं इसे पूछा। गोदामों और सोसाइटी के चावल सैंपल की जांच दिल्ली के लैबरेटरी में की जाएगी।


3.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी


जिले के 90 धान खरीदी केंद्रों में 31 जनवरी तक धान खरीदी होनी है। 10 दिन बाकी है और 3.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। इस बार 95 हजार 197 किसानों ने धान खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 88 हजार किसानों ने अब तक अपना धान बेचा है।

दो माह का पुराना चावल है हितग्राहियों के लिए बाकी


सेंट्रल की टीम ने नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में भी पहुंची। दुर्ग, बोरई और करंजा भिलाई के गोदामों में चावल के सैंपल लिए हैं। उसके बाद पहली बार टीम राशन कार्डधारियों को वितरित हो रहे चावल का सैंपल जुटाया। राशन कार्डधारियों को वितरित हो रहे चावल में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार की है। जिसके लिए वह पैसा राज्य को भुगतान करती है। दुर्ग स्थित गोदाम में 5 लाख क्विंटल चावल का पुराना स्टॉक मिला। जो मार्च तक राशन कार्डधारियों को बांटा जा सकेगा।


कोटे को लेकर प्रदेश की राजनीति है गर्म


सेंट्रल की जांच टीम ऐसे समय पर आई है जब धान खरीदी अंतिम चरण में हैं और सेंट्रल पूल के कोटे में की गई कटौती को लेकर प्रदेश भाजपा और कांग्रेस सरकार आमने-सामने हैं। आए दिन दोनों पार्टियों के नेताओं द्वारा सभाओं या कार्यक्रम के दौरान सेंट्रल पूल के चावल लेने और धान खरीदी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।

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