अब मार्च तक तैयार होगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, इसलिए मिला समय विस्तार

संक्षेप:

गाजियाबाद: केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में शामिल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे अब मार्च तक तैयार होगा। कई स्तर पर निर्माण में देरी के चलते नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा एक महीने बढ़ा दी है। पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने की अंतिम तारीख 31 जनवरी निर्धारित की गई थी लेकिन अब सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर निर्माण कंपनियों को अतिरिक्त समय दिया गया है।

गाजियाबाद: केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में शामिल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे अब मार्च तक तैयार होगा। कई स्तर पर निर्माण में देरी के चलते नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा एक महीने बढ़ा दी है। पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने की अंतिम तारीख 31 जनवरी निर्धारित की गई थी लेकिन अब सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर निर्माण कंपनियों को अतिरिक्त समय दिया गया है।

हालांकि कंपनियां चाहती थीं कि प्रोजेक्ट के लिए 31 मार्च तक का समय मिल जाए जिसे मंत्रालय ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि होली से पहले हर हाल में एक्सप्रेसवे को आम लोगों के लिए खोला जाना है। इसके लिए मंत्रालय के स्तर से तैयारियां भी शुरू की जा चुकी हैं। अब किसी भी सूरत में पांच मार्च तक एक्सप्रेसवे तैयार करके देना होगा।  मौजूदा वक्त में एक्सप्रेसवे के दूसरे और चौथे चरण में कई स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा करने में कंपनियां असफल रही हैं। दूसरे चरण में यूपी गेट से डासना के बीच 19 किलोमीटर का 14 लेन का एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है। इसी चरण में एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज के पास अलीगढ़ रेल लाइन पर आरओबी का काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका है। रेलवे से मंजूरी मिलने में देरी और उसके बाद रेलवे की तरफ से आपत्ति लगाए जाने के बाद निर्माण शुरू करने में देरी हुई। 

यहां 14 लेन के एक्सप्रेसवे के लिए आरओबी बनाए जा रहे हैं। रेलवे ने मांग रखी थी कि आरओबी का निर्माण किसी पीएसयू (पब्लिक सेक्टर यूनिट) की निगरानी में हो, जिसे पुल निर्माण से जुड़े कार्य में लंबा अनुभव हो। रेलवे अधिकारियों का तर्क था कि यहां पर घुमावदार आरओबी बनाए जा रहे हैं जिसमें किसी भी सूरत में डिजाइन से जुड़ी गलती की गुंजाइश नहीं है। 

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आपत्ति को निस्तारित करने में एनएचएआई को लंबा समय लगा, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है।  इसके बाद लालकुआं में लूप का काम पूरा करने में भी देरी हुई। वहीं, महरौली गांव में जमीन के विवाद के चलते करीब छह महीने तक काम रुका रहा। अब जमीन का विवाद सुलझाने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया है। 

चौथे चरण में आकाश नगर ने खड़ी की रुकावट

डासना से मेरठ के बीच 32 किलोमीटर का छह लेन का ग्रीन एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है। पहले जमीन खरीद घोटाले के चलते करीब दो वर्षों तक काम रुका रहा। उसके बाद निर्माण शुरू हुआ तो आकाश नगर में मुआवजे को लेकर लोगों ने काम रोके रखा। अब डासना से ईपीई (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे) तक 700 मीटर की एलिवेटेड रोड तैयार की जा रही है, जिसका अभी तक करीब 70-80 फीसदी काम हुआ है। इसके बाद ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर लूप बनाने का काम भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। लूप बनने में अभी करीब दो सप्ताह का समय लगेगा। हालांकि परतापुर लूप और आरओबी का काम लगभग अंतिम दौर में हैं। गंगनहर पर भी पुल बनकर तैयार है जिसमें एक सप्ताह में अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 

आरओबी का काम लंबा खिंचेगा

अलीगढ़ रेल लाइन पर आरओबी का काम लंबा चलेगा। एनएचएआई का मानना है कि 10 लेन के दो आरओबी (दिल्ली से हापुड़ की तरफ राइट साइड के) 15 मई तक यातायात के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद बाकी को खोलने में जून-जुलाई तक का समय लगेगा क्योंकि इसमें डिजाइन की रेलवे से स्वीकृति समेत कई अन्य तकनीकी कारणों के चलते समय लगेगा। बाकी दूसरे चरण में लालकुआं लूप और महरौली वाले हिस्से को मार्च के पहले सप्ताह में तैयार करके दिया जाना है। 

मार्च में प्रधानमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन

एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही एनएचएआई और सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने उद्घाटन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रालय चाहता है कि होली से पहले प्रधानमंत्री के हाथों दूसरे और चौथे चरण का उद्घाटन कराया जाए। इसको लेकर मंत्रालय की तरफ से प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर समय भी मांगा लिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह में पीएम का कार्यक्रम मिल सकता है।

कुछ जगहों पर तकनीकी व अन्य कारणों के चलते काम पूरा करने में समय लग रहा है, जिसके चलते प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय-सीमा एक महीने बढ़ाई गई है। कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वो अतिरिक्त संसाधन लगाकर अब हर हाल में समय पर काम पूरा करें। काफी हिस्से काम काम 15 फरवरी तक पूरा हो जाएगा।
- मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई

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