फर्जी कॉल सेंटर से सिर्फ ढाई महीने में की करोड़ों की ठगी, गिरफ्तार

संक्षेप:

  • साइबर सेल ने किया सरगना व उसके साथी जीजा-साले को गिरफ्तार।
  • तीनों आरोपियों ने आपस में बंटा रखा था काम।
  • पॉलिसी व लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी।

गाजियाबाद- आरडीसी में चल रहे ठगी के कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए साइबर सेल और कविनगर पुलिस ने सरगना व उसके साथी जीजा-साले को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक हापुड़ के बहादुरगढ़ निवासी बीए पास जौनी ने जल्द अमीर बनने के लिए ठगी का धंधा शुरू किया था। आरोपी पॉलिसी व लोन दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे और फर्जी पतों के खातों में रकम ट्रांसफर कराते थे। एक अनुमान के मुताबिक आरोपी ढाई माह में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं।

साइबर सेल के नोडल अधिकारी और सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि कुछ दिन पहले आरडीसी में कॉल सेंटर खोलकर पॉलिसी व लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के बारे में सूचना मिली थी। खोजबीन करने पर सूचना सही पाई गई, जिसके बाद मंगलवार देरशाम हापुड़ के बहादुरगढ़ निवासी जौनी, जिला मधुबनी बिहार निवासी हिमांशु शेखर और मोहल्ला कच्चन पूर्वा बांदा निवासी संदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।

संदीप हिमांशु शेखर का जीजा है। जौनी वर्तमान में विजयनगर के कृष्णा नगर में, हिमांशु शेखर व संदीप गुप्ता राजनगर की एसएससी हाईट्स सोसाइटी में रहते हैं। अभय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर उनके कॉल सेंटर पर छापा मारा तो वहां से 14 मोबाइल फोन, एक पासबुक, 5 डाटा पेपर शीट, 20 खाली पॉलिसी लैटर पैड, 6 एटीएम कार्ड, 2 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, 6 चेक बुक, 10 पॉलिसी लैटर पैड, 85 विजिटिंग कार्ड बरामद हुए।

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तीनों आरोपियों का बंटा हुआ था काम

जौनी : बीए पास जौनी कॉल सेंटर संचालक है। इसने ढाई महीने पहले आरडीसी में कॉल सेंटर शुरू किया।
हिमांशु शेखर : 12वीं पास हिमांशु शेखर बिहार के लोगों की आईडी पर सिम खरीदकर लाता था। साथ ही अपने पते बदल-बदलकर बैंक खाते खुलवाता था।
संदीप गुप्ता : 12वीं पास संदीप गुप्ता फर्जी बैंक खातों के एटीएम, नेट बैंकिंग का लॉगिन अपने पास रखता था और पैसे ट्रांसफर करने का काम करता था।

बीमा कंपनियों के अधिकारी बनकर लोगों से करते थे ठगी
साइबर सेल के प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपी लोगों को फर्जी आईडी के सिम से फोन करते थे। वह खुद को लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी बनकर लोगों को पॉलिसी व लोन दिलाने का झांसा देते थे। जो लोग इनके झांसे में आ जाते, उनसे फर्जी पतों के खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे। एक साथ कई लोगों को चूना लगाने के बाद वह मोबाइल बंद कर लेते थे, इससे उनकी लोकेशन मिलनी बंद हो जाती थी।

अब तक 13 बैंक खाते आए सामने
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में ढाई महीने के अंदर एक करोड़ से अधिक की ठगी की बात कबूल की है। बरामद पासबुक, एटीएम कार्ड के आधार पर आरोपियों के 13 बैंक खाते ट्रेस हुए हैं। संबंधित बैंकों से खातों की डिटेल मांगी जा रही है। खातों की स्टेटमेंट मिलने पर ठगी की रकम का सही आंकलन हो सकेगा। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर मंगाई गई है।

ठगी के आरोप में जीजा-साले को जेल भेज चुकी है अलीगढ़ पुलिस
साइबर सेल प्रभारी के मुताबिक हिमांशु शेखर और उसका जीजा संदीप गुप्ता ठगी के धंधे से काफी समय से जुड़े हैं। अलीगढ़ पुलिस ने सात मई को दोनों जीजा-साले को ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद वह जौनी के संपर्क में आए और लोगों को ठगने का सिलसिला जारी रखा।

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