एक मंडप के नीचे हिंदू-मुस्लिम जोड़ों ने रचाई शादी

संक्षेप:

  • ऐसा नजारा कमला नेहरूनगर स्थित मैदान पर श्रम विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में देखने को मिला। 
  • कार्यक्रम में 1489 जोड़े पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर एक-दूसरे के जीवनसाथी बने।
  • 814 मुस्लिम नवदंपतियों ने गवाहों की मौजूदगी में नई जिंदगी की शुरुआत की।

गाजियाबाद- एक-दूजे का साथ निभाने के सात वचन, सात फेरे और दूसरी ओर निकाह पढ़कर कबूल है, कबूल है, कबूल है, कुछ ऐसा नजारा कमला नेहरूनगर स्थित मैदान पर श्रम विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में देखने को मिला। कार्यक्रम में 1489 जोड़े पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर एक-दूसरे के जीवनसाथी बने तो 814 मुस्लिम नवदंपतियों ने गवाहों की मौजूदगी में नई जिंदगी की शुरुआत की। छह जोड़ों की शादी बौद्घ धर्म के रीति-रिवाज के साथ कराई गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के तौर पर वर्चुअली मौजूद रहे। जबकि श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या, केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, महापौर आशा शर्मा, श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पं. सुनील भराला, भाजपा महानगर ने कार्यक्रम में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

सामूहिक विवाह सर्व धर्म एकता की मिसाल : स्वामी प्रसाद
श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम से सर्व धर्म एकता की मिसाल कायम की है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के उत्थान के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को सही पात्रों तक पहुंचाने का काम किया है। सुनील भराला ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 800 से अधिक जोड़े मुस्लिम धर्म से हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य सबका साथ सबका विकास है। कार्यक्रम को बीओडब्ल्यूसी परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष रघुराज सिंह, राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, विधायक डॉ. मंजू शिवाच, एमएलसी दिनेश गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल ने संबोधित किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, सीडीओ अस्मिता लाल, एसएसपी पवन कुमार, भाजपा नेता सुशील गौतम, गुंजन शर्मा आदि मौजूद रहे।

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दो दिन में खातों में पहुंचेगी अनुदान की राशि
उपश्रमायुक्त रवि श्रीवास्तव ने बताया कि गाजियाबाद के 1239, बुलंदशहर 426 और हापुड़ के 641 जोड़ों का विवाह कराया गया है। इसके तहत 75 हजार रुपये की धनराशि बेटियों के पिता के खातों में जाएगी। इसके से दस हजार रुपये कपड़ों के लिए और बाकी पिता अपनी बेटी को राशि देंगे।

हरिद्वार से आए 125 ब्राह्मण
सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए हरिद्वार से 125 ब्राह्मणों को विशेष रूप से बुलाया गया था। पंडाल में सभी ब्राह्मणों ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ कराया। इसके अलावा गाजियाबाद के अलग-अलग हिस्सों से आए काजी ने दो गवाहों के साथ निकाह कराया। मुख्यमंत्री के वर्चुअल आने के दौरान 12 वर-वधुओं को मंच से विवाह प्रमाण पत्र दिया गया।

बैंड, बाजों ने बांधा समा
पंडाल में वर-वधू केदाखिल होने के साथ उनके स्वागत में बैंड, बाजे और शहनाई बजाई गई। कार्यक्रम के लिए दस बैंड और आठ शहनाई के ग्रुप बुलाए गए थे। दावत के लिए 50 व्यंजनों की व्यवस्था भी अधिकारियों ने की।

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