विरोध के बाद 26 दिन से सड़कों पर पड़ा कचरा आज से उठेगा

संक्षेप:

  • एक सप्ताह में हट जाएंगे कूड़े के ढेर।
  • नगर निगम ने कूड़ा प्रोसेसिंग के लिए वैकल्पिक जमीन का किया इंतजाम।
  • शहर को पहले की तरह साफ और स्वच्छ कर दिया जाएगा।

गाजियाबाद- विरोध के बाद कॉलोनियों और बाजारों की सड़कों पर पड़ा 10 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा सोमवार से उठना शुरू हो जाएगा। नगर निगम न कूड़ा प्रोसेसिंग के लिए वैकल्पिक जमीन का इंतजाम कर लिया है। अधिकारियों का दावा है कि एक सप्ताह में शहर को पहले की तरह साफ और स्वच्छ कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, नगर निगम नंदग्राम रेतमंडी में शहर की दूसरी कचरा प्रोसेसिंग यूनिट का संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

पहले राजनगर एक्सटेंशन और फिर गालंद में कचरा डालने के विरोध के बाद नगर निगम को लैंडफिल साइट और कचरा निस्तारण के लिए जमीन नहीं मिल रही थी। करीब एक सप्ताह पहले नगर निगम ने शमशेरपुर गांव के पास करीब 35 बीघा जमीन लीज पर ली थी, लेकिन यहां भी विरोध के चलते किसान ने अनुबंध निरस्त कर दिया था। इसके बाद से नगर निगम के अधिकारी ऐसे स्थान पर जमीन की तलाश कर रहे थे, जो आबादी से दूर हो। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि लैंडफिल साइट के लिए जमीन तलाश ली गई है। सोमवार से शहर में डंप कचरे का उठान शुरू हो जाएगा। हालांकि नगर निगम ने कचरा प्रोसेस करने के लिए जमीन कहां ली है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। निगम अधिकारियों को राजनीतिक कारणों से फिर विरोध होने की चिंता सता रही है।

एक सप्ताह में हट जाएंगे कूड़े के ढेर
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि नगर निगम के पास जितनी जगह उपलब्ध है उस पर कचरा ले जाया जा रहा है। इसके अलावा कूड़ा उठान शुरू होने के एक सप्ताह में शहर से कूड़े के सभी ढेर हटा दिए जाएंगे। दीपावली से पहले शहर को पहले की तरह स्वच्छ बना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही नगर निगम का एक और वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट चालू हो जाएगा।

ये भी पढ़े : बस्ती: विदेश से आने वाले नागरिकों की दो बार हो रही आरटी पीसीआर जांच


अब कचरे को जमीन में नहीं दबाएगा, खाद बनाएगा निगम
नगर आयुक्त का कहना है कि नगर निगम अब लैंडफिल साइट बनाकर कचरे को डंप नहीं करेगा। अब जहां भी कचरा डाला जाएगा, उसे मशीनों के जरिए प्रोसेस कर खाद में तब्दील किया जाएगा। इससे कचरा एक जगह इकट्ठा नहीं होगा।

आबादी के बीच भी हो सकती है कचरे की प्रोसेसिंग
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि कचरे की प्रोसेसिंग पर एनजीटी ने आबादी के बीच भी रोक नहीं लगाई है। नगर निगम की सिहानी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट आबादी के बीच चल रही है। यहां रोजाना 100 टन कचरा प्रोसेस किया जा रहा है। प्लांट के बाहर भी लोगों को बदबू नहीं आती है और न ही कूड़ा बाहर से दिखता है। अब नगर निगम इसी पैटर्न पर कचरे का प्रोसेस करेगा।

गालंद में बाउंड्रीवॉल का काम फिर होगा शुरू
नगर निगम गालंद में अपनी 45 एकड़ जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनाने का काम फिर शुरू करेगा। निगम की जमीन पर जलभराव हो जाने की वजह से यहां बाउंड्री बनाने का काम फिलहाल रुका हुआ है। मौसम साफ होने के बाद यह काम शुरू कराया जाएगा।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Ghaziabad की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles