निर्माणाधीन पेठा फैक्टरी की छत गिरने से एक की मौत, दो घायल

संक्षेप:

  • हादसे में संचालक समेत तीन लोग मलबे में दबे।
  • पुलिस ने तीनों घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती।
  • उपचार के दौरान एक मजदूर की मौत।

गाजियाबाद- बार्डर थाना क्षेत्र की इंदिरा एंक्लेव कॉलोनी में सोमवार रात एक निर्माणाधीन पेठा फैक्टरी की छत गिर गई। इस हादसे में संचालक समेत तीन लोग मलबे में दब गए। पुलिस ने तीनों घायलों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी है।

बॉर्डर थाना एसएचओ अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि दिल्ली मीतनगर कॉलोनी में रहने वाले लक्ष्मण सिंह इंदिरा एंक्लेव कॉलोनी स्थित अपनी पेठा फैक्टरी की छत का निर्माण करा रहे थे। सोमवार रात करीब सात बजे दो मजदूर रामदेव (50) और विलास (50) निवासी कोटीया जिला कटिहार, बिहार फैक्टरी की छत का कार्य खत्म करने के बाद मालिक के साथ नीचे वाले कमरे में खड़े थे। इस दौरान निर्माणाधीन फैक्टरी की छत गिर गई। हादसे में तीनों लोग मलबे में दब गए। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लोगों की मदद से मलबे में दबे तीनों को बाहर निकाला। तीनों घायलों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान विलास को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचना दे दी है। वहीं दोनों घायलों का इलाज चल रहा है।

जर्जर छत की करा रहे थे निर्माण
लक्ष्मण सिंह ने पहले यह फैक्टरी किसी और को किराए पर दे रखी थी। यहां पेठा बनाने का काम होता था। छह माह पूर्व उन्होंने फैक्टरी खाली करा ली। इसके बाद वह फैक्टरी चला रहे थे। अगस्त माह से उनकी फैक्टरी बंद थी। बरसात के चलते उनकी फैक्टरी की छत जर्जर हो गई थी। वह फैक्टरी की छत का निर्माण करा रहे थे। हादसे के दौरान विलास करीब एक घंटे तक मलबे में दबे रहे। मलबे में से मुश्किल से उन्हें निकाला गया।

ये भी पढ़े : बिजली के तार टूटकर गिरने से दो मजदूरों की हुई मौत, मृतक के स्‍वजनों ने मुआवजे व नौकरी तथा बच्चों की शिक्षा की मांग की है


If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Ghaziabad की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles