बंगाल से लापता किशोरी गाजियाबाद से बरामद, कई बार हुआ आबरू का सौदा

संक्षेप:

  • पुलिस ने बंगाल की किशोरी को देह व्यापार के जाल से कराया मुक्त
  • मेरठ से गाजियाबाद के बीच कई बार कराया गया देह व्यापार
  • पुलिस ने गिरोह के सात लोगों को किया गिरफ्तार

गाजियाबाद: गाजियाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, पुलिस ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा से लापता हुई किशोरी को मानव तस्करी और देह व्यापार के जाल से खींच निकाला है, साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि किशोरी का पैकेज में सौदा किया गया था और उसे बंगाल से एनसीआर के बीच कई बार बेचा गया। पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सिहानी गेट थाना पुलिस की मदद से गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार कर उनके चंगुल से दो लड़कियों को आजाद कराया है। इनमें लापता किशोरी और झारखंड की एक युवती है।

आरोपियों में चार महिलाएं और 3 पुरुष शामलि है, इनकी पहचान भारती शर्मा, सोनिया, संतो, रुचि, राकेश, मुकेश और रवेंद्र के रूप में हुई है। वहीं किशोरी ने बताया कि मिस्ड कॉल के जरिए उसकी पहचान अशरफुल नामक शख्स से हुई थी। दोनों में बातें होने लगीं। अशरफुल मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है। उसने खुद को बहुत अमीर बताया था। पीड़िता उसके झांसे में आ गई और 4 अप्रैल को उसके साथ भाग गई। इस बारे में हावड़ा के उलेबेरिया थाने में केस दर्ज है। किशोरी का कहना है कि अशरफुल ने उसे अपने बाबू नाम के दोस्त के पास छोड़ा था। दो दिन बाद बाबू उसे दिल्ली में शादी कराने का झांसा देकर गाजियाबाद पहुंचा था।

वहीं, बंगाल पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि बाबू ने 30 हजार रुपये में सोनिया के साथ किशोरी का सौदा किया था। अगले ही दिन उसे 70 हजार रुपये में मेरठ में बेच दिया गया। इसके बाद गाजियाबाद में एक बार फिर 30 हजार रुपये में उसे बेचा गया। इस पूरी खरीद-फरोख्त में भारती शर्मा, सोनिया और उसका पति राकेश प्रमुख रूप से शामिल थे। किशोरी को एक पैकेज के रूप में कई लोगों को दिया गया। इन लोगों ने मेरठ से गाजियाबाद के बीच उससे देह व्यापार कराया।

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पीड़िता कुछ दिन मेरठ में रखी जाती तो कुछ दिन गाजियाबाद। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। बाबू, उसकी पत्नी और अशरफुल पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि गैंग के एजेंट पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से लड़कियों की तस्करी कर यहां लाते थे। गाजियाबाद से मेरठ के बीच फैले देह व्यापार के दलाल इन लड़कियों को 20 से 40 हजार रुपये में खरीदते थे। इनका एक नहीं कई बार सौदा होता। हर बार बोली बढ़ती जाती और पांच लाख रुपये तक पहुंच जाती थी।

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