बुलंदशहर की ये 'पुलिस मैम' गरीब बच्चों को दे रही हैं मुफ्त शिक्षा

संक्षेप:

  • गुड्डन पेशे से पुलिस कॉन्स्टेबल हैं लेकिन खाली समय में गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती हैं.
  • गुड्डन के चेहरे पर तब मुस्कराहट बिखर जाती है जब बच्चे उन्हें `पुलिस मैडम` पुकारते हैं.
  • बुलंदशहर के खुर्जा पुलिस थाने में गुड्डन तैनात हैं, उनके अधिकारी भी उनके काम से खुश

बुलंदशहर: गुड्डन चौधरी यूं तो पेशे से पुलिस कॉन्स्टेबल हैं लेकिन खाली समय में वह गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती भी हैं. गुड्डन के चेहरे पर तब मुस्कराहट बिखर जाती है जब बच्चे उन्हें `पुलिस मैडम` कहकर पुकारते हैं. गुड्डन के शब्दों में कहें तो एक प्रोफेशन (पुलिस कॉन्स्टेबल) से उनकी रोजी-रोटी चलती है और दूसरे प्रोफेशन (बच्चों को पढ़ाना) से उन्हें संतुष्टि मिलती है.

बुलंदशहर के खुर्जा पुलिस स्टेशन में गुड्डन तैनात हैं. पिछले छह महीने से वह यहां हैं और अब उनकी `पाठशाला` में 24 गरीब बच्चे पढ़ रहे हैं. गुड्डन कहती हैं, `ये गरीब घर के बच्चे हैं. ये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े स्कूलों में नहीं जा सकते. इसलिए मैं इन्हें यहां पढ़ाती हूं. पढ़ाने के साथ `पुलिस मैडम` इन गरीब बच्चों को कॉपी- किताब भी मुहैया कराती हैं.

`कॉलेज के समय से पढ़ाती आ रही हूं`

ये भी पढ़े : खाद वितरण में लापरवाही पर मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) ने सख्ती दिखाई है


यह पूछने पर कि पुलिस कॉन्स्टेबल के रूप में व्यस्त दिनचर्या के बावजूद बच्चों को अलग से पढ़ाने के लिए आखिर उन्हें कहां से प्रेरणा मिलती है, गुड्डन कहती हैं, `मैं सिर्फ अपने समय का एक छोटा सा हिस्सा इन बच्चों को दे रही हूं. सिर्फ शिक्षा ही है, जिससे इनका भविष्य संवर सकता है. निश्चित ही पुलिस की नौकरी में व्यस्तता अधिक होती है, पर हर किसी को अपने पैशन के लिए समय निकालना होता है. मेरा यही पैशन है. मुझे इन बच्चों को पढ़ाकर संतुष्टि मिलती है. खुशी मिलती है. मैं जब मथुरा में पढ़ती थी, तबसे यह करती आ रही हूं.`

सीओ ने की प्रशंसा, बोले- नेक काम में हमेशा हम साथ

2016 बैच की कॉन्स्टेबल गुड्डन अपनी सैलरी का 30 फीसदी हिस्सा इन बच्चों पर खर्च करती हैं. यही वजह है कि थाने में उनके सीनियर भी उनका सम्मान करते हैं. खुर्जा के सीओ राघवेंद्र मिश्रा कहते हैं, `हम गुड्डन के कार्य की सराहना करते हैं. वह पढ़ाने के साथ- साथ आर्थिक रूप से भी इन बच्चों की मदद करती हैं. उनके इस नेक काम में हम हमेशा उनके साथ हैं.`

`मैडम के कारण मन में पुलिस की छवि बदली`

वहीं एक बच्चे (जिन्हें गुड्डन पढ़ाती हैं) के पिता मोहर सिंह कहते हैं, `पुलिस की जो छवि मेरे दिल में थी, मैडम ने उसे बदल दिया है. हम लोगों के पास इतना पैसा नहीं कि हम एक बेहतर जिंदगी जी पाएं लेकिन मैडम हमारे लिए किसी आशीर्वाद की तरह आई हैं. हम उनके आजीवन आभारी हैं.`

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Ghaziabad News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने
के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles