Jharkhand Me School Kab Khulega: झारखंड में कक्षा 6 से ऊपर के स्कूल खुलेंगे, 5 तक की ऑनलाइन पढ़ाई रहेगी जारी

Jharkhand School Reopen Latest Update (रांची) : झारखंड में कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों को देखते हुए हेमंत सरकार ने कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल खोलने पर भी अपनी अनुमति दे दी है. वहीं, कक्षा 5 तक अब भी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी. इससे पहले क्लास 9वीं से 12वी तक के स्कूल खोलने की अनुमति दी गयी थी.मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में क्लास 6 से 8 तक की स्कूलों को खोलने पर सहमति दी गयी है. साथ ही कॉलेज को भी खोलने की हरी झंडी दे दी गयी है. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन हर हाल में करने पर जोर दिया गया है. कक्षा 6 से ऊपर के स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. वहीं, कॉलेजों में सभी कक्षा ऑफलाइन चलाने की भी अनुमति मिल गयी है. हालांकि, कोचिंग को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया गया है. वर्तमान में 18 साल से ऊपर के छात्रों को ही कोचिंग में जाने की अनुमति दी गयी है.इस संबंध में झारखंड के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्तमान में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी को देखते हुए कुछ कदम उठाये हैं. कोरोना के दौरान बंद संस्थानों को खोलने में छूट दी गयी है. हालांकि, इस दौरान हर हाल में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा.इधर, कोचिंग एसोसिएशन के चेयरमैन सुनील जायसवाल ने कक्षा 6 से ऊपर के स्कूल खाेलने की अनुमति देने का स्वागत किया है. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन से कक्षा 6 से 12 तक के कोचिंग संस्थानों को भी खोलने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से कोचिंग में पठन-पाठन ठप है, जिससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर खासा असर पड़ा है.कई राज्यों ने इसकी कोचिंग खोलने की अनुमति दी है. इसलिए झारखंड में भी कोचिंग खोलने की अनुमति दी जाये. हालांकि, राज्य सरकार ने 18 साल से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग में पढ़ाई करने की छूट पहले ही दे दी है. लेकिन, अब कक्षा 6 से ऊपर के स्कूली बच्चों को भी कोचिंग में पढ़ने की इजाजत राज्य सरकार से कोचिंग संस्थानों ने मांगी है.Posted By : Samir Ranjan. ।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।