गोरखपुर- IPS चारू मामले में MLC ने किया विधायक राधामोहन दास अग्रवाल का समर्थन

  • Wednesday | 10th May, 2017
संक्षेप:

  • राधामोहन दास अग्रवाल को बीजेपी एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का साथ
  • देवेन्द्र प्रताप सिंह ने लिखा फेसबुक पर पोस्ट
  • पोस्ट के जरिए लोगों से की राधामोहन के समर्थन की अपील

 

गोरखपुर- नगर विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल और आईपीएस चारू निगम का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। महिला आईपीएस अधिकारी से अभद्रता के मामले में आलोचना-निंदा का सामना का रहे गोरखपुर नगर के विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल को बीजेपी एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का साथ मिला। एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने फेसबुक पर लोगों से प्रतिरोध की राजनीति को मजबूती प्रदान कर पुलिस की निरंकुशता पर अंकुश लगाने का आह्वान करते हुए नगर विधायक का साथ देने की अपील की है। उन्होने आईपीएस अधिकारी को भी अपनी कार्यप्रणाली और व्यवहार के बारे में आत्मचिंतन करने का सुझाव दिया है।

फेसबुक पर यह लिखा

आए दिन जनता और पुलिस के बीच संघर्ष होता रहता है जनता अपने हित के लिए शान्तिपूर्ण तरीके से जब विरोध दर्ज कराती है तो पुलिस गुंडई पर उतर आती है और जनता की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए संवेदनहीनता की सीमा तक जाकर जनता के साथ दुर्व्यवहार करती है और इस दुर्व्यवहार का शिकार जनप्रतिनिधि भी होते रहते हैं। अब आम जन के साथ पुलिस का दुर्व्यवहार राष्ट्रिय विमर्श का विषय बनना चाहिए। पुलिस का व्यवहार जनता के साथ कभी भी मित्रवत न रहकर हमेशा शत्रुवत रहता है। गोरखपुर के पुलिस अधिकारी चारु निगम का तीन महीने में जनता के दुर्व्यवहार का यह दूसरा मामला है। इसके पहले भी यह स्नातक निर्वाचन के चुनाव में एक शिक्षक के साथ दुर्व्यवहार कर खुद प्राथमिकी दर्ज करा चुकीं हैं। तब भी शिक्षक की फरियाद किसी स्तर पर नहीं सुना गया।

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गर्भवती महिलाओं ,बूढ़ों, बच्चों के साथ अपमानजनक व्यवहार करने की पुलिस वालों को कौन सा कानून इजाजत देता है ?
पुलिस आईपीएस अधिकारी को भी अपनी कार्यप्रणाली और व्यवहार के बारे में आत्मचिंतन करना चाहिए जनता अपने हित के लिए अगर सड़क पर उतरती है तो विधायक का दायित्व है की वह जनता के साथ मजबूती से उसका सहयोगी बन के खड़ा रहे। जस्टिस एएन मुल्ला ने यूं ही नहीं कहा था की पुलिस वर्दीधारी गुंडों का एक संगठित गिरोह है ।

पुलिस प्रशिक्षण में बदलाव पर विचार करना चाहिए पुलिस का रवैया जनता के साथ गुंडों जैसा नहीं होना चाहिए। पुलिस के अधिकारी अपने आप को शासक और जनता को अपनी रियाया समझने की भूल ना करें। जनता की सेवा के लिए उन्हें जिम्मेदारी दी गयी है उन्हें अपने कार्य और आचरण से जनता का दिल जीतने का प्रयास करना चाहिए आम नागरिकों से अपील है कि प्रतिरोध की राजनीती को मजबूती प्रदान कर ही पुलिस की निरंकुशता पर अंकुश लगाया जा सकता है इसीलिए आप सभी लोग अपने विधायक के साथ रहें।

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