गोरखपुर में बढ़ा बाढ का खतरा, 21 गांव बाढ़ के कगार पर, लोगों में फैली दहशत

संक्षेप:

  • गोरखपुर में मंडंरा रहा है बाढ़ का खतरा
  • पांच तहसील के 21 गांव बाढ़ के कगार पर
  • लोगों में बाढ़ के खतरे के कारण फैली दहशत

गोरखपुर- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पांच तहसीलों के 21 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों के करीब तक नदी का पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश व पानी छोड़े जाने से गोरखपुर की नदियां और उफना गई हैं। राप्ती, रोहिन और घाघरा नदी खतरे के लाल निशान को पार कर चुकी है। रोहिन नदी तो खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर बह रही है। इससे बाढ़ का खतरा और भी गहरा गया है। करजहा-रामलखना मार्ग की पुलिया जलमग्न हो गई है। इससे वहां आवागमन बाधित है। खतरे के मद्देनजर पुलिस ने इस मार्ग को आवागमन के लिए बंद कर दिया है। गोरखपुर शहर, सहजनवां, कैंपियरगंज, बांसगांव व गोला तहसील क्षेत्र के करीब 21 गांव नदी के पानी की जद में हैं। जिला प्रशासन की तरफ से गांवों में 16 नावें लगाकर राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बंधों पर जबरदस्त दबाव है। लिहाजा, सिंचाई विभाग ने बंधों की निगरानी बढ़ा दी हैं। जिन बंधों पर ज्यादा दबाव है वहां बालू या गिट्टी की बोरियां डाली जा रही हैं। केंद्रीय जल आयोग ने नदियों के जलस्तर का जो आंकड़ा जारी किया है, उसके मुताबिक रोहिन नदी का जलस्तर 17 सेंटीमीटर बढ़ा है। जो नदी सोमवार को खतरे के निशान से 1.11 मीटर ऊपर बह रही थी, वह मंगलवार को 1.28 मीटर पहुंच गई है।

राप्ती नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर है। घाघरा नदी खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। फिलहाल वह खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो आज गोर्रा नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी।

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