वीडियो- पहली बार सदन में दिखा CM योगी का शायराना अंदाज़-बोले मैं शायर तो नहीं मगर.........

संक्षेप:

मानसून सत्र के तीसरे दिन CM योगी काफी अक्रामक नज़र आए

CM ने कहा कि मुझे श्लोक आते हैं, शायरी नहीं आती. लेकिन आज कुछ बोलना चाहूंगा

यूपी में चल रही ब्राह्मण सियासत पर विपक्ष को जवाब दिया

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन CM योगी काफी अक्रामक नज़र आए। अपने सम्‍बोधन के दौरान उन्‍होंने विपक्ष पर हमले का एक भी मौका नहीं छोड़ा। उन्‍होंने यह कहते हुए कि `मुझे श्‍लोक आते हैं, शायरी नहीं...`, विधानसभा में पहली बार एक शेर भी पढ़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे श्लोक आते हैं, शायरी नहीं आती. लेकिन आज कुछ बोलना चाहूंगा-

सदन में अपने पूरे भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कभी तल्ख नजर आए, कभी हंसी-मजाक के मूड में रहे तो विपक्ष पर तंज भी कसने में भी पीछे नहीं रहे. इसके लिए उन्होंने श्लोक से लेकर शायरी तक का सहारा लिया. मुख्यमंत्री योगी जब अपना भाषण समाप्त कर रहे थे तो उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से कहा, ``महोदय मैं श्लोक तो पढ़ सकता हूं, मुझे शायरी नहीं आती.`` लेकिन मुख्यमंत्री ने अपनी बात मुरादाबाद के मशहूर शायर मंसूर उस्मानी की शायरी से की. उन्होंने पढ़ा...

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चमन को सींचने में कुछ पत्तियां गिर गईं होंगी, यही इल्जाम है मुझ पर चमन की बेवफाई का
जिन्होंने अपने कदमों से चमन को रौंद ही डाला, वही करते हैं अब दावा चमन की रहनुमाई का

CM Shyari video

इससे पहले सीएम योगी ने यूपी में चल रही ब्राह्मण सियासत पर विपक्ष को जवाब दिया. उन्होंने कहा कि फिर से समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है. ये वे ही लोग हैं, जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं. जो लोग आज जातिवाद का नारा लगा रहे हैं, जब सत्ता में आते हैं तो कन्नौज के नीरज मिश्रा नाम के बीजेपी के कार्यकर्ता का सिर काटकर घुमाते हैं और उस शर्मनाक घटना के बाद भी जनता से माफी नहीं मांगते हैं. ये वही लोग हैं जो तिलक और तराजू की बात कर इस समाज को बार-बार गाली देते थे. आज नए रूप से उमंग के माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं.

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