मुख्यमंत्री योगी ने किया महंत अवेद्यनाथ राजकीय कॉलेज का लोकार्पण, बोले- देश की 44 योजनाओं में यूपी नंबर वन

संक्षेप:

  • परिसर में स्थापित महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का किया अनावरण।
  • 30.35 करोड़ रुपये से निर्मित महाविद्यालय में सभी सुविधाएं।
  • बोले- बीजेपी सरकार ने खोला विकास का बंद रास्ता।

गोरखपुर- मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को जंगल कौड़िया के रसूलपुर चकिया में महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय का लोकार्पण व इस परिसर में स्थापित ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि जब सोच ईमानदार होती है तो काम दमदार होते हैं और दिखाई भी देते हैं। वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है। कभी सभी कल्याणकारी योजनाओं में काफी पीछे रहने वाला यह प्रदेश आज देश की 44 योजनाओं में नंबर एक है। यह दुनिया के लिए सबसे अच्छा निवेश और सुरक्षा का वातावरण देने वाला राज्य है। यह है नया और उभरता उत्तर प्रदेश अब देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि 2014 से बदलते भारत को और 2017 से बदलते उत्तर प्रदेश को सभी लोगों ने देखा है। सबको बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आज अच्छी सड़कों और बिजली की सुविधा हर गांव तक है। पहले किसानों का धान क्रय नहीं होता था। औने पौने दाम पर बेचने की मजबूरी होती थी। पर, आज कई केंद्र बनाए गए हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद होती है और पैसा सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सबको सुरक्षा का माहौल दिया। पहले पर्वों पर कर्फ्यू लग जाता था लेकिन आज कर्फ्यू तो दूर की बात है, कोरोना भी भाग गया है। नेकनीयती के साथ किए गए कार्य का अच्छा परिणाम आता है। इसमें ईश्वर भी साथ देते हैं।

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बीजेपी सरकार ने खोला विकास का बंद रास्ता
सीएम योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में बंद प्रदेश के विकास के रास्ते को 2017 में बीजेपी सरकार ने खोला। पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में सड़क, बिजली, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सबकुछ बदहाल था। गरीबों को राशन तक नहीं मिलता था। अब तो चौड़ी सड़कों का जाल बिछ गया है। सबको सुरक्षा की गारंटी है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र सुदृढ हुआ है। सबको पर्याप्त बिजली मिल रही है। गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है।

स्वास्थ्य व शिक्षा का हब बना गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने नए राजकीय महाविद्यालय के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए गोरखपुर में पिछले साढ़े चार साल में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर स्वास्थ्य और शिक्षा का हब बन गया है। 2016 में यहां विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों एम्स मिला। अगले एक माह में इसका उद्घाटन होगा। 1990 में बंद खाद कारखाना अगले एक माह में बनकर तैयार हो जाएगा। किसानों को समय से खाद और नौजवानों को नौकरी मिलेगी। प्रधानमंत्री के हाथों इसका लोकार्पण कराया जाएगा।

सीएम ने कहा कि गोरखपुर को आयुष विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, कैम्पियरगंज में आईटीआई, दो इंटर कॉलेज, सहजनवा में पॉलिटेक्निक आदि की सौगात मिली है। पिपराइच में चीनी मिल सल्फरलेस चीनी का उत्पादन कर रही है।

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन आज की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय में पहले सत्र में प्रवेश लेने वालों में बालिकाओं की संख्या बालकों से अधिक है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए यह शुभ लक्षण है। बालिकाएं सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देती हैं इसलिए बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना आज की आवश्यकता है। नर्सिंग स्टाफ, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर में रूप में महिलाओं की सेवा भावना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भर्ती में भी सरकार ने बालिकाओं को आगे बढ़ाया है। यूपी में 2017 तक तीन लाख के पुलिस बल में महज दस हजार महिलाएं थीं। चार साल में सरकार ने 20 हजार महिलाओं की नई भर्ती पुलिस बल में की। यह नारी सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण है।

गोरक्षपीठ ने 1956 में ही बालिका महाविद्यालय की स्थापना की थी
बालिका शिक्षा के प्रति गोरक्षपीठ के आत्मीय जुड़ाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरक्षपीठ ने 1956 में ही गोरखपुर के पहले बालिका महाविद्यालय की स्थापना कर दी थी। इसे गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दान स्वरूप दे दिया गया। पचास के दशक में ही पीठ की तरफ से पहला इंटर कॉलेज खोल दिया गया था। वर्तमान में गोरक्षपीठ के प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से चार दर्जन संस्थाओं से जुड़कर 50 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

धर्म का व्यावहारिक मर्म समझाया पीठ के आचार्यों ने
मुख्यमंत्री ने इस महाविद्यालय के लोकार्पण अवसर पर अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि गोरक्षपीठ की परंपरा केवल धर्म, अध्यात्म और उपासना विधि तक सीमित नहीं रही। लोक कल्याण के ध्येय से धर्म को व्यावहारिक जीवन मे जीने का कार्य और धर्म का व्यावहारिक मर्म समझाने का कार्य पीठ के आचार्यों ने किया।

30.35 करोड़ रुपये से निर्मित महाविद्यालय में सभी सुविधाएं
30.35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय सभी सुविधाओं से युक्त है। इसका शिलान्यास 21 मई 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। कार्यदायी संस्था उप्र. राजकीय निर्माण निगम ने जून 2019 में निर्माण कार्य प्रारंभ किया। महाविद्यालय में 14 क्लास रूम, 4 लैब, 1 लाइब्रेरी, 1 कंप्यूटर रूम, 1 परीक्षा हाल, 1 प्राचार्य कक्ष, 3 फैकल्टी कक्ष व सभी तल पर प्रसाधन है। विभिन्न सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों के लिए 460 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। इसके अलावा 90 की क्षमता वाला बालक छात्रावास और 60 की क्षमता का बालिका छात्रावास भी है।

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