जानिए गोरखपुर के उद्योगपतियों को क्यों सम्मानित करेंगे सीएम योगी

संक्षेप:

  • गोरखपुर उद्योगपति `गीडा` में देंगे विशेष योगदान
  • सीएम योगी करेंगे सम्मानित
  • 2500 हजार करोड़ तक पहुंचेगा व्यापार

गोरखपुर: सीएम योगी के शहर गोरखपुर के औद्योगिक विकास में तेजी की उम्मीद एक बार फिर जग गई है. यूपी इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पूर्वांचल में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्योगपतियों ने `गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण` गीडा में 25 नए उद्योगों का दरवाजा खोलने के बारे में विचार किया है. सीएम योगी की अध्यक्षता में होने जा रहे इस समिट की तैयारियां जोरों पर हैं.

गोरखपुर के उद्योगपति देश के अन्य प्रदेशों और पड़ोसी देशों में भी उद्योग लगाते हैं. सरकार ने ऐसे 25 उद्यमियों को गीडा (गोरखपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी) में उद्योग लगाने की सहमति दी है, जिन्हें सीएम योगी 30 नबंवर को गीडा के स्थापना समारोह में सम्मानित करेंगे. इसके बाद 1500 करोड़ के व्यापार का यह क्षेत्र अब 2500 हजार तक पहुंचेगा, जिससे रोजगार बढ़ेगा और युवाओं का पलायन पर भी रुकेगा.

दरअसल नोएडा की तर्ज पर 27 साल पहले स्थापित गीडा का औद्योगिक विकास सरकारों की कोशिशों के दावों की मौजूदा समय में पोल खोल रहा है. पूर्वांचल की तस्वीर बदलने के दावे के बीच स्थापित गीडा फिलहाल बदहाल है. वर्ष 1991 में  स्थापित गीडा में अभी 10 फीसदी भी औद्योगिक विकास नहीं हुआ है. हालांकि योगी सरकार की पहल से करीब 20 उद्यमियों ने 1400 करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर उद्योग स्थापित करने की पहल की है जिससे उम्मीद जगी है.

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20 हजार एकड़ का औद्योगिक विकास ढाई दशक में महज 2 हजार एकड़ में ही हो सका है. इसमें से भी बड़ा हिस्सा एजुकेशनल संस्थाओं और आवासीय परियोजनाओं में चला गया है. सरकारों ने जहां हजारों करोड़ रुपये निवेश के दावे हो रहे हैं. वहां 30 वर्षों में बामुश्किल 1500 करोड़ का निवेश हुआ है. गीडा प्रशासन ने अभी तक 773 उद्यमियों का प्लॉट का आवंटन किया है. 

कागजी आकड़ों में 372 भूखंडों पर उद्योग संचालित हैं. जमीनी हकीकत यह है कि 100 से अधिक इकाईयां बंद हो चुकी हैं या फिर दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गई हैं. बड़े उद्योगों को उंगली पर गिना जा सकता है. शराब बनाने की फैक्ट्री आईजीएल को छोड़ दें तो गीडा में एक भी उद्यमी गोरखपुर से बाहर के नहीं नजर आते हैं. तो अधिकतम 8000 लोगों को रोजगार मिला है. यहां के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव रंजन का कहना है की 30 नवंबर की समिट उद्योगपतियों का भरोसा जीतने मैं कामयाब होगी और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उन्हें बेहतर माहौल का भरोसा भी मिलेगा.

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