गोरखपुर: BRD के चार एनेस्‍थीसिया डाक्‍टरों ने दे दिया इस्‍तीफा, मरीजों के इलाज का संकट

संक्षेप:

  • एनेस्थीसिया के चार डाक्‍टरों ने एक साथ दिया इस्तीफा
  • प्रिंसिपल और सर्जन के व्‍यवहार से परेशान होकर दिया इस्तीफा
  • इस्‍तीफा देने से मरीजों के इलाज का संकट खड़ा होता नजर आ रहा है

गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया के चार डाक्‍टरों ने एक साथ प्रिंसिपल और सर्जन के व्‍यवहार से परेशान होकर बुधवार को इस्‍तीफा दे दिया। मेडिकल कॉलेज में एनेस्‍थीसिया विभाग में छह में चार डाक्‍टरों के इस्‍तीफा देने से मरीजों के इलाज का संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। दो एनेस्‍थीसिया डाक्‍टरों के कंधे पर पूरे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मरीजों की जिम्‍मेदारी आ गई है। ऐसे में ट्रामा सेंटर, इमरजेंसी, आईसीयू जैसी चिकित्‍सीय सेवाएं ठप होने का खतारा उत्‍पन्‍न हो गया है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनेस्‍थीसिया विभाग में संविदा पर तैनात डा नरेन्‍द्र देव, डा प्रियंका, डा राका रानी और डा परवेज पर शैक्षणिक गतिविधियों के साथ मेडिकल कॉलेज और प्रशासनिक जिम्‍मेदारी भी रही है। इस्तीऱा दे रहे डॉक्टरों का आरोप है कि सर्जन डा यूसी सिंह द्वारा पिछले कई दिनों से असंवेदनशील व्‍यवहार किया जा रहा था। जब वे इसकी शिकायत लेकर प्रिंसिपल डा गणेश कुमार के पास गए, तो उन्‍होंने बात नहीं सुनी और चेंबर से भाग जाने का कहा। पिछले कई दिनों से ये प्रकरण चल रहा है।

उन्‍होंने बताया कि वे डाक्‍टर के साथ शिक्षक भी हैं और उनके साथ इस तरह का व्‍यवहार उन्‍हें आहत करने वाला है। ऐसे में चारों डाक्‍टरों ने इस्‍तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में काम करना बहुत मुश्किल है। 7 दिन लगातार चलने वाले इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर और आईसीयू को दो डॉक्टर्स कैसे संभाल पाएंगे, ये बड़ा सवाल बना हुआ है। इसके पहले एनेस्‍थीसिया विभाग के एचओडी रहे डा सतीश आक्‍सीजन कांड के बाद से ही सस्‍पेंड चल रहे हैं। हालांकि इस मामले में प्राचार्य डा गणेश कुमार ने इस्‍तीफा मिलने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्‍हें कोई इस्‍तीफा नहीं मिला है। ऐसे विवाद होते रहते हैं।

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डाक्‍टर्स बुधवार को सुबह 11.30 बजे मुझसे मिलने आए थे। लेकिन, कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन के दौरे के कारण उन्‍हें 3 बजे का समय दिया गया था। उस समय उनसे मिलने कोई डाक्‍टर नहीं आया। उन्‍होंने कहा कि इस मामले के निस्‍तारण के लिए वे एचओडी और विभाग के सभी डाक्‍टरों को बुलाऊंगा और उनके साथ बैठक के बाद इस मामले का निस्‍तारण करूंगा।

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