इस कारण से गोरखपुर के नगर आयुक्त को किया गया सस्पेंड

संक्षेप:

  • गोरखपुर के नगर आयुक्त सस्पेंड
  • मानदेय भुगतान में करते थे हीलाहवाली
  • सिर्फ दो एजेंसियों के हवाले की गई थी सफाई-व्यवस्था

गोरखपुर: गोरखपुर में सफाई-व्यवस्था में सुधार न होने और सफाई कर्मियों के आए दिन होते उग्र आंदोलन से नाराज सीएम योगी आदित्यनाथ की गाज नगर आयुक्त पर गिर गई. नगर आयुक्त को निलंबित करने के साथ उनका चार्ज डीएम को दे दिया गया है और मामले की जांच कमिश्नर को सौंपी गई है.

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश पर आरोप लगा है कि वह सफाई कर्मियों के मानदेय भुगतान में हीलाहवाली करते थे, जिससे सफाई कर्मी नाराज होकर शहर में कई जगह कूड़ा फेंक कर प्रदर्शन कर रहे थे.

शहर की सफाई-व्यवस्था सिर्फ दो एजेंसियों के हवाले की गई थी. जिन 35 वार्डों में 1365 कर्मचारी ठेके पर रखे गए थे वहां पर नगर निगम के स्थाई सफाई कर्मी तैनात कर दिए गए, जिससे ठेके पर रखे गए 207 सफाई कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, जिससे हंगामा बढ़ गया था.

ये भी पढ़े : शहर में कोई समस्या नहीं हो तो इसके लिए गांवों को बनाना होगा मजबूत: CM बघेल


यही नहीं नवरात्र में सीएम योगी शहर में थे और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का दौरा हो गया, जिसमें उन्होंने नखास चौक पर सफाई में कमी पाते ही तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया था.

कुछ मीडिया कर्मियों ने भी मंत्री से ऐसे सवाल किए थे, जिससे वह अवाक रह गए. नगर आयुक्त पर गाज गिरेगी ये चर्चा जोरों पर चल रही थी, लेकिन इसमें थोड़ा संशय था. अभी चार दिन पहले नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश को  पीसीएस से आईएएस कैडर मिला था. पद का आनंद लेने से पहले ही जोर का झटका ऐसा लगा है कि सारी प्रतिष्ठा खराब हो गई. नगर आयुक्त पर बिना काम कराए ठेकेदारों को लाखों रुपये पेमेंट करने का भी आरोप लगा है.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य गोरखपुर ताजा समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें
हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles