साइबर क्राइम के मामलों के निस्तारण में पिछड़ गई गोरखपुर की टीम, डीआईजी एन कोलांचि ने की समीक्षा

संक्षेप:

  • साइबर क्राइम के मामलों के निस्तारण में पिछड़ गई गोरखपुर की टीम।
  • आजमगढ़ की साइबर क्राइम थाना पहले नंबर पर।
  • केवल 40% मामले का निस्तारण कर पाया गोरखपुर साइबर थाना।

गोरखपुर. साइबर अपराध के दर्ज मामलों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में गोरखपुर फिसड्डी साबित हुआ है। आजमगढ़ साइबर थाना पहले नंबर पर है। डीआईजी साइबर क्राइम एन कोलांचि ने निस्तारण में कमियों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को गोरखपुर साइबर थाने का निरीक्षण किया।

साइबर क्राइम के निस्तारण में एक्सपर्ट नहीं हो पाया गोरखपुर

उन्होंने बताया कि गोरखपुर की टीम साइबर क्राइम के मामलों के निस्तारण में एक्सपर्ट नहीं बन पाई है। 25 मार्च से प्रदेश के सभी 18 साइबर थानों में साइबर क्राइम के कम से कम पचास प्रतिशत मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखते हुए अभियान चलाया गया था। 25 सितंबर को यह अभियान पूरा हुआ।

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40% मामले का निस्तारण कर पाया गोरखपुर साइबर थाना

समीक्षा में पाया गया कि आजमगढ़ साइबर थाना दर्ज मामलों के निस्तारण में पहले, जबकि गोरखपुर साइबर थाना सबसे निचले पायदान पर रहा। आजमगढ़ साइबर थाने ने 80 प्रतिशत केस का निस्तारण कर लिया। वहीं गोरखपुर साइबर थाना 40 प्रतिशत मामलों का ही निस्तारण कर पाया। डीआईजी साइबर क्राइम ने इस दौरान साइबर थाना के निर्माण की जमीन को लेकर भी डीआईजी गोरखपुर से बात की। उन्होंने बताया कि जहां पर साइबर थाना बनना है वहीं पर साइबर लैब भी बनेगा।

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