जानिए कौन है गोरखपुर के नए एसएसपी, जिनकी प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके है तारीफ

संक्षेप:

  • एसपी विपिन टांडा को गोरखपुर का नया एसएसपी बनाया गया है। 
  • प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके उनके काम की सराहना की थी।
  • अक्सर साइकिल से निरीक्षण पर निकल जाते है।

गोरखपुर- जिले के नए एसएसपी के रूप में विपिन टांडा की तैनाती के बाद एक बार फिर चर्चा में उनका नाम आ गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस आईपीएस की खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारीफ की थी। दरअसल, अपने अलग कार्यशैली के लिए विपिन पहचाने जाते हैं। रामपुर में तैनाती के समय वह  दौरान अक्सर वह साइकिल से निरीक्षण पर निकल जाते थे, इसकी जानकारी होने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके उनके काम की सराहना की थी।

जानकारी के मुताबिक, रविवार की शाम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैनात 14 आईपीएस अधिकारियों का तबादला यूपी सरकार ने कर दिया है। अब जिलों में नए एसएसपी और एसपी तैनात किए गए हैं। इन जिलो में गोरखपुर भी शामिल है। बलिया एसपी विपिन टांडा को गोरखपुर का नया एसएसपी बनाया गया है। आगे की स्लाइड्स में जानिए कौन हैं विपिन टांडा...

2012 बैच के आईपीएस अधिकारी विपिन टांडा मूल रूप से जोधपुर के राजस्थान के रहने वाले हैं। विपिन टांडा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। पिता मच्छी राम पेशे से वकील हैं। इसके अलावा वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और पूर्व मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सतपाल सिंह के दमाद हैं।

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अपराधियों में रहते है खौफ
आईपीएस बनने के बाद वह अपने सख़्त रवैए के लिए जाने जाते हैं. अपने काम और ज़िम्मेदारी को लेकर वह ट्रेनिंग के दौरान से ही काफी गंभीर रहे हैं। विपिन टाडा रामपुर के भी कप्तान रहे हैं और उस दौरान उन्होंने एक व्यापारी को अपहरण कर फिरौती के मामले का महज कुछ ही दिनों खुलासा कर दिया था जिसके बाद उनकी काकी तारीफ हुई थी और वह सुर्खियों में आए थे। डॉ. विपिन टांडा ईनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजने और जिले में कानून व्यवस्था कायम रखने के उत्कृष्ट कार्याें के लिए सम्मानित भी किए जा चुके हैं।

बोर्ड परीक्षा में कम अंक पाकर भी बने आईपीएस
विपिन टांडा बेसिक शिक्षा छोटे से स्कूल में हासिल की। रोज साइकिल से स्कूल जाते थे। सातवीं कक्षा में अच्छे नंबर आए तो परिजनों ने आठवीं और नवमीं क्लास के बजाय हाईस्कूल का एग्जाम दिलवा दिया, जिसमें उनके मात्र 56 प्रतिशत अंक आए। इसके बाद इंटर में 62 फीसदी अंक प्राप्त हुए। उन्होंने डॉक्टर बनने का अपना लक्ष्य पहले से ही निर्धारित कर रखा था। इसके लिए उन्होंने पूरी लगन से पढ़ाई की। उन्होंने इंटर के बाद एक साल कोचिंग की। पहले प्रयास में 2002 में एमबीबीएस के लिए सलेक्ट हो गए। इसके बाद राजस्थान के एक गांव में सरकारी अस्पताल में चिकित्साधिकारी बन गए। वहां आठ महीने तक रहे। तब उन्हें लगा कि डॉक्टर बनकर चंद मरीजों की सेवा की जा सकती है, लेकिन सिविल सेवा में रहकर बहुत से लोगों की सेवा का मौका मिलता है। उन्होंने इसी नजरिये से सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। 2011 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए उनका सलेक्शन हो गया था।

खेल के शौकीन हैं विपिन
विपिन टांडा स्पोर्ट्स में भी काफी दिलचस्पी रखते हैं। उन्हें साइकलिंग का बहुत शौक है। जहां-जहां उनकी तैनाती की गई, वह वहां अक्सर शाम में साइकलिंग करते देखे गए।
 
मोदी को भाया था साइकिल पर गश्त करना
विपिन साइकिल या बाइक पर जिले के भ्रमण पर निकलते हैं। उनके काम को लेकर दो माह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्वीट करके उनकी तारीफ कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन टांडा का शहर की गलियों में साइकिल से गश्त करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भा गया। इसके लिए उन्होंने एसपी को शाबाशी दी है। दरअसल, जून में रामपुर के एसपी साइकिल पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था जांचने निकले थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ट्वीट कर अपनी और रामपुर पुलिस की फिटनेस के बारे में अवगत कराया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर उनकी तारीफ की थी।

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