गोरखपुर में पाइप लाइन से होगी गैस की आपूर्ति, सीएम योगी करेंगे इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ

संक्षेप:

  • गोरखपुर में ईंधन के क्षेत्र में होने जा रहा बड़ा परिवर्तन
  • 1.78 लाख घर में पहुंचेगी पीएनजी
  • 36 सीएनजी स्टेशन बनेंगे

गोरखपुर: गोरखपुर में ईंधन के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। गोरखपुर के साथ ही संतकबीरनगर और कुशीनगर में प्रारंभिक तौर पर करीब 1.78 लाख घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने के साथ ही 36 कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) स्टेशन बनाए जाएंगे।

22 नवंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन से  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गोरखपुर में यूनिवर्सिटी परिसर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ करते ही यह काम शुरू हो जाएगा।

गोरखपुर, कुशीनगर और संतकबीरनगर में घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने और सीएनजी स्टेशन बनाने की जिम्मेदारी टोरेंट कंपनी को मिली है। मंगलवार को गोरखपुर में टोरेंट गैस के उत्तर प्रदेश हेड एवं उपाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रशासनिक प्रमुख सेवानिवृत बिग्रेडियर अशोक गांगुली और एचआर उपाध्यक्ष प्रकाश संजनानी ने पत्रकार वार्ता में इस प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारियां साझा की।

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डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि टोरेंट को तीन भोगौलिक क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी सुविधा प्रदान करने का लाइसेंस मिला है। पहला औरैया, कानुपर देहात और इटावा, दूसरा गोरखपुर, कुशीनगर और संतकबीरनगर और तीसरा मुरादाबाद जिला।

उन्होंने बताया कि सभी स्थानों पर 22 नवंबर से सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो जाएगा। गोरखपुर, कुशीनगर और संतकबीरनगर में 178200 घरों में पीएनजी और 36 सीएनजी स्टेशन बनाए जाएंगे। आठ साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य है, मगर खाद कारखाने को आपूर्ति के लिए गेल द्वारा प्राकृतिक गैस पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा होते ही गोरखपुर व संतकबीरनगर के कुछ स्थानों पर सीएनजी स्टेशन तैयार कर दिए जाएंगे। उधर, गेल ने दिसंबर तक पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर लेने का दावा किया है।

टोरेंट को प्राकृतिक गैस का कनेक्शन गेल से मिलेगा। गोरखपुर के सहजनवां और संतकबीरनगर सीमा पर स्थित खानीपुर से टोरेंट को गेल यह कनेक्शन देगा। कंपनी की तरफ से यहीं से कुशीनगर जिले के लिए भी पाइप लाइन डाली जाएगी क्योंकि गेल की तरफ से सिर्फ खाद कारखाने तक ही गैस पाइप लाइन बिर्छाई जाएगी।

टोरेंट कंपनी औरैया, कानपुर देहात और इटावा में न्यूनतम 1,10800 घरों में पीएनजी और 27 सीएनजी स्टेशन बनाएगी। इसी तरह कंपनी मुरादाबाद जिले में भी 184800 घरों में पीएनजी सेवा और 27 सीएनजी स्टेशन का निर्माण कराएगी।

फैक्टफाइल

6.2 फीसदी भारत में इस्तेमाल होती है प्राकृतिक गैस

20 फीसदी तक 2025 तक इस्तेमाल बढ़ाना चाहते हैं पीएम

40 लाख घरों एवं 30 लाख वाहनों में ही इस्तेमाल होती है प्राकृतिक गैस

प्राकृतिक गैस के फायदे

- कोयला और एलपीजी की तुलना में उत्कृष्ट ईधन
- पर्यावरण के लिए अनुकूल
- एलपीजी से सस्ता और सुरक्षित भी
- निर्वाध आपूर्ति के कारण उद्योगों, व्यवसायिक उपक्रमों एवं घरेलू इस्तेमाल के लिए बेहतर
- नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार में होगा इजाफा

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