जानिए कब पड़ी थी सपा-बसपा 'गठबंधन' की नींव

समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन के ऐलान की बस अब औपचारिकता ही बची है. जिस सपा और बसपा गठबंधन का ऐलान शनिवार को लखनऊ में अखिलेश यादव और मायावती करेंगे उस महागठबंधन की बुनियाद गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान ही पड़ गई थी. जब सपा प्रत्याशी को बसपा ने समर्थन देने का ऐलान किया और उसके बाद जो नतीजे आए बीजेपी के लिए चौंकाने के लिए काफी थे. खुद जिस सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सांसद हुआ करते थे, उसके पहले उनके गुरु अवैद्यनाथ इस सीट से सांसद थे.यह भी पढ़ें: क्या बुआ-भतीजा दोहरा पाएंगे 1993 में मुलायम और कांशीराम गठबंधन का इतिहास? बता दें कि 1989 से गोरखपुर सीट पर बीजेपी का कब्जा था, उस सीट पर उपचुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी ने विजयी परचम लहराया था और भाजपा प्रत्याशी को 20 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी. गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान 4 मार्च 2018 को बसपा ने सपा प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन देने का ऐलान किया था, इसके बाद बसपा के स्थानीय नेताओं ने सपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगा था.यह भी पढ़ें: यूपी में गठबंधन को विस्तार देने की तैयारी में बीजेपी, गुपचुप ढंग से चल रहा कामगोरखपुर की हाई प्रोफाइल लोकसभा उपचुनाव को अगर आधार माना जाए तो यहां पर अखिलेश यादव ने निषाद पार्टी के साथ समझौता करते हुए निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को सपा से टिकट दिया था. निषाद पार्टी और पीस पार्टी का पहले से समझौता था, यानी दो छोटे दलों के साथ अखिलेश यादव ने समझौता किया था. उपचुनाव में भले ही बसपा ने सपा को समर्थन दिया और छोटे छोटे दल सपा के साथ आ गये थे. इस सीट पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था.यह भी पढ़ें: अपना वजूद बचाने की कोशिश है सपा-बसपा का गठबंधन: CM योगी आपको बता दें कि इस गठबंधन में कांग्रेस ने अपनी स्थिती अभी तक स्पष्ट नहीं की है. मध्यप्रदेश और राजस्थान में बसपा-सपा के समर्थन से सरकार बनाने वाली कांग्रेस, यूपी में अकेले चुनाव लड़ने के मूड में नजर आ रही है. महागठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने को लेकर अभी भी असमंजस है. राज्य की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को गाजीपुर में महागठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया था.Loading... (function(){var D=new Date(),d=document,b='body',ce='createElement',ac='appendChild',st='style',ds='display',n='none',gi='getElementById',lp=d.location.protocol,wp=lp.indexOf('http')==0?lp:'https:';var i=d[ce]('iframe');i[st][ds]=n;d[gi]('M370080ScriptRootC285148')[ac](i);try{var iw=i.contentWindow.document;iw.open();iw.writeln(''+'dy>'+'ml>');iw.close();var c=iw[b];}catch(e){var iw=d;var c=d[gi]('M370080ScriptRootC285148');}var dv=iw[ce]('div');dv.id='MG_ID';dv[st][ds]=n;dv.innerHTML=285148;c[ac](dv);var s=iw[ce]('script');s.async='async';s.defer='defer';s.charset='utf-8';s.src=wp+'//jsc.mgid.com/h/i/hindi.news18.com.285148.js?t='+D.getYear()+D.getMonth()+D.getUTCDate()+D.getUTCHours();c[ac](s);})();यह भी पढ़ें: सपा-बसपा गठबंधन की 7 बड़ी बातें, जानिए क्या-क्या हैं शर्तें? राजभर ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चाहेगी तो वो महागंठबंधन में शामिल हो जाएंगे. अगर बीजेपी नहीं चाहेगी तो वो गठबंधन में नहीं जाएंगे. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस महागठबंधन में कौन-कौन शामिल होगा और कौन अकेले दांव आजमाएगा.यह भी पढ़ें: ओमप्रकाश राजभर ने दिया बड़ा बयान, BJP चाहेगी तो महागंठबंधन में हो जाऊंगा शामिल सूत्रों के हवाले से खबर है कि सपा और बसपा 37-37 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करेंगे. वहीं 2 सीटों पर राष्ट्रीय लोकदल का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा. गठबंधन के तहत राहुल गांधी के लिए अमेठी और सोनिया गांधी के लिए रायबरेली सीट छोड़ी जाएगी. इसी कड़ी में अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल की सीट पर भी गठबंधन प्रत्याशी नहीं उतारेगा. ओमप्रकाश राजभर के सुहेलदेव पार्टी के लिए भी एक सीट छोड़ी जाएगी.(रिपोर्ट: राम गोपाल द्विवेदी)एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्सये भी पढ़ें:मायावती-अखिलेश आज करेंगे गठबंधन का ऐलान, दोपहर 12 बजे शुरु होगी ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंससुर्खियां: अखिलेश बोले, सपा-बसपा मिलकर लहराएंगे जीत का परचम, कांग्रेस ने महागठबंधन से किया किनारामायावती-अखिलेश आज करेंगे UP गठबंधन का ऐलान, ये हो सकता है सीट शेयरिंग फॉर्मूला21 से 23 जनवरी तक चलेगा प्रवासी भारतीय दिवस, उद्घाटन में भाग लेंगे PM मोदीसंत परमहंस का दावा- जब तक राम मंदिर नहीं बनता सिर्फ गंगा जल पीकर करेंगे तपस्या    ।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।

अन्य गोरखपुर ताजा समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें
हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles