नौकरी का झांसा देकर 'निषाद पार्टी' के प्रमुख काटते हैं चुनावी पर्चियां: रामभुआल

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद पर भाजपा से 50 करोड़ रुपए का आरोप लगाने वाले गोरखपुर लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी रामभुआल निषाद ने सोमवार को बड़ा बयान दिया है. न्यूज18 से बातचीत में रामभुआल ने बताया कि 'निषाद पार्टी' के अध्यक्ष संजय निषाद भोले भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर 2- 5 हजार रुपए की चुनावी पर्चियां काटने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संजय निषाद लोगों से 2 हजार रुपये के बदले सरकार बनने पर पेंशन दिलवाने का वादा करते हैं.ये भी पढ़ें: SP प्रत्‍याशी का निषाद पार्टी प्रमुख पर हमला, कहा- योगी से डील कर BJP से लिए 50 करोड़ रुपएरामभुआल यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि संजय निषाद लोगों को गुमराह करके गरीब जनता को ठगने का काम कर रहे है. क्योकि संजय निषाद कहते हैं कि अगर मेरे पास आना है तो ये सर्टिफिकेट लेकर आना जरूरी है. यानी वो पर्चियां जो हर चुनाव में लोगों को खुद को प्रदेश का सीएम बनने का झांसा देकर कटवाते है. निषाद पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष का निषाद समाज से कोई लेना-देना नहीं है. उनका सिर्फ सूत्रीय कार्यक्रम समाज के लोगों को ठगने और बेचने का है. इसका तमाम उदाहरण सामने है. वे समाज के लोगों से चंदा लेकर करोड़ों रुपए इकट्ठा किए.ये भी पढ़ें: निषाद पार्टी: इसकी नजर में चुनाव है नौटंकी, चाहिए 'वोट के बदले नोट का अधिकार'!गोरखपुर सीट से गठबंधन के प्रत्याशी रामभुआल निषाद ने बताया कि मुझ पर हिस्ट्रीशीटर पर आरोप लगाने वाले ये जान लें कि खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर हत्या से लेकर कई संगीन मामले दर्ज हैं. वो कोई दूध के धुले नहीं हैं. हम समाज के लिए लड़ते हैं. वहीं निषाद पार्टी के प्रमुख  सौदेबाजी के लिए लड़ते हैं. रामभुआल ने कहा कि जिस भाजपा को गाली देते थे, आज वही बीजेपी अच्‍छी लगने लगी.ये भी पढ़ें: बीजेपी के लिए क्यों जरूरी है योगी के गढ़ में 'ऑपरेशन निषाद' की सफलता बता दें कि गोरखपुर की सीट पर बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के लिए साख दांव पर लगी है. 2014 के लोकसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ इस सीट से जीते थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी और उसके बाद उपचुनाव में बीजेपी को सपा बसपा गठबंधन से हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी मामूली अंतर से हारी और जीत का कारण 'निषाद फैक्टर' बताया गया.Loading... (function(){var D=new Date(),d=document,b='body',ce='createElement',ac='appendChild',st='style',ds='display',n='none',gi='getElementById',lp=d.location.protocol,wp=lp.indexOf('http')==0?lp:'https:';var i=d[ce]('iframe');i[st][ds]=n;d[gi]('M370080ScriptRootC285148')[ac](i);try{var iw=i.contentWindow.document;iw.open();iw.writeln(''+'dy>'+'ml>');iw.close();var c=iw[b];}catch(e){var iw=d;var c=d[gi]('M370080ScriptRootC285148');}var dv=iw[ce]('div');dv.id='MG_ID';dv[st][ds]=n;dv.innerHTML=285148;c[ac](dv);var s=iw[ce]('script');s.async='async';s.defer='defer';s.charset='utf-8';s.src=wp+'//jsc.mgid.com/h/i/hindi.news18.com.285148.js?t='+D.getYear()+D.getMonth()+D.getUTCDate()+D.getUTCHours();c[ac](s);})();ये भी पढ़ें: CM योगी के गढ़ में परचम फहराने वाले नेता का टिकट कटा! सपा ने गोरखपुर से इन्‍हें बनाया प्रत्‍याशी वर्ष 2015 में अस्तित्व में आई निषाद पार्टी ने 2018 के उपचुनाव में गोरखपुर से प्रवीण निषाद को एसपी बीएसपी के गठबंधन प्रत्याशी के रूप में लड़ाया था. प्रवीण निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे हैं. अब संजय निषाद कथित तौर पर चुनावी सौदेबाजी में लगे हैं. वे बीजेपी और विपक्ष दोनों गठबंधन के नेताओं को तनाव में डाल रहे हैं.ये भी पढ़ें: लोकसभा चुनाव 2019: अखिलेश के बाद 'निषाद पार्टी' ने CM योगी आदित्‍यनाथ को भी छकायाकौन हैं रामभुआल निषाद रामभुआल निषाद कौड़ीराम से 2 बार विधायक रहे चुके हैं. इससे पहले रामभुआल निषाद बसपा सरकार में मत्स्य राज्य मंत्री थे. गोरखपुर के बड़हलगंज के रहने वाले रामभुआल का नाम निषाद समाज के बड़े नेताओं में आता है. बता दें कि निषाद पार्टी के सपा-बसपा गठबंधन से अलग होने के कारण प्रवीण कुमार निषाद को अखिलेश यादव की पार्टी को टिकट नहीं दिया. ऐसे में सपा को नया प्रत्‍याशी मैदान में उतारना पड़ा है.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स।

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