वेस्ट मैटेरियल मैनेजमेंट से निकल रही पर्यावरण संरक्षण की राह, महिला चिकित्सक डा. मधु गुलाटी का अनूठा प्रयोग

गोरखपुर, डा. राकेश राय, गोरखपुर।

विकास की अंधी दौड़ में अगर सबसे अधिक किसी को नुकसान पहुंचा है तो वह है पर्यावरण।

निरंतर बढ़ रहा पर्यावरण प्रदूषण का स्तर इसकी तस्दीक है।

प्रदूषण की एक बड़ी वजह शहर में अनवरत निकल रहा कूड़ा-कचरा भी है।

शहर की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डा. मधु गुलाटी ने इसकी चिंता की है।

उन्होंने आसपास के चाय और खानपान के स्टाल से निकल रहे कूड़े से जैविक खाद बनाकर अपने आवास परिसर में हजारों पौधों की एक मोहक बगिया विकसित की है।

कूडे-कचरे से होने वाली गंदगी से दिला रही हैं निजात इससे वह न केवल कूड़े-कचरे से होने वाली गंदगी से आसपास के लोगों को बचा रही हैं बल्कि पौधों से पर्यावरण के संरक्षण में भी अपना योगदान सुनिश्चित कर रही हैं।

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