देश के राज्यों में एक सितंबर से लागू होने वाला सेंट्रल मोटर व्हीकल (संशोधित) एक्ट-2019 मध्यप्रदेश में लागू नहीं हो रहा है

प्रदेश पुलिस इस एक्ट को अमल में लाने के लिए तैयार नहीं है. राज्य शासन की तरफ से पुलिस को कोई निर्देश नहीं मिले हैं. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और केंद्र में बीजेपी की. ऐसे में प्रदेश में नए एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होने के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. पुलिस को नहीं मिले निर्देश जब पूरे देश में संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई होगी, तब मध्यप्रदेश की सड़कों पर चेकिंग के दौरान पुलिस किस एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी, ये किसी को नहीं पता. ये स्थिति इसलिए बनी है, क्योंकि प्रदेश पुलिस को राज्य शासन की तरफ से कोई भी लिखित निर्देश नहीं मिले हैं. शासन की तरफ से निर्देश नहीं मिलने की वजह से पुलिस एक सितंबर से नए एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करेगी. जबकि केंद्र सरकार संसोधित एक्ट को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर चुकी है. नया एक्ट ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के साथ सड़क हादसों में कमी लगाने की कवायदनए एक्ट में बढ़ी जुर्माने की राशि इस एक्ट के तहत जुर्माने की राशि को बढ़ाया गया है. नया एक्ट ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के साथ सड़क हादसों में कमी लगाने की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है. >> बिना हेलमेट पहले जुर्माना 100 से 300 रुपए, अब 500 से 1500 रुपए तक >> ट्रिपल राइडिंग पहले 100 रुपए, अब 500 रुपए >> पॉल्युशन सर्टिफिकेट को लेकर पहले 100 रुपए, अब 500 रुपए >> बिना लाइसेंस पहले 500 रुपए, अब 5000 रुपए >> ओवर स्पीडिंग पहले 400 रुपए, अब 1000 से 2000 रुपए तक >> डेंजरस ड्राइविंग पहले 1000 रुपए, अब 1000 से 5000 रुपए तक >> ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल फोन पहले जुर्माना 1000 रुपए, अब 1000 से 5000 तक >> गलत साइड गाड़ी चलाने पर पहले 1100 अब 5000 >> शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहले जुर्माना 2000, अब 10 हजार रुपए >> रेड लाइट जंप जुर्माना पहले 100, अब पहली बार पकड़े जाने पर 1000 से 5000 रुपए तक, दूसरी बार पकड़े जाने पर 2000 से 10 हजार रुपए तक >> सीट बैल्ट पहले 100, अब 1000 रुपए >> ओवरलोड गाड़ी चलाने पर 5 हजार जुर्माना >> तय सीमा से तेज गति से गाड़ी चलाने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना नए मोटर व्हीकल एक्ट के कुछ नियम बीजेपी कांग्रेस आमने-सामने कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल का कहना है कि राज्य सरकार पहले इस एक्ट का अध्ययन करेगी, उसे बाद इसे जल्द लागू भी कर दिया जाएगा. वहीं बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने कानून को पास करने में अपना समर्थन दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश की जनता से सरकार खिलवाड़ कर रही है. राज्य करेगा फैसला वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास लिखित में निर्देश नहीं है. वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक शासन के द्वारा नोटिफिकेशन जारी नहीं होगा, तब तक प्रदेश में नए एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होगी. पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि नए एक्ट को लेकर पीएचक्यू स्तर पर पुलिस और परिवहन के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है. केंद्र में बीजेपी की सरकार है और प्रदेश में कांग्रेस की. ऐसे में नए एक्ट को प्रदेश में तय समय पर लागू नहीं करने के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. शासन स्तर के अधिकारी भी वही करेंगे, जो सरकार कहेगी. ये भी पढ़ें - दिग्विजय का दावा- मुस्लिम से ज्यादा गैर मुस्लिम कर रहे ISI के लिए जासूसी स्विस बैंक के खातों में जमा है किन भारतीयों का काला धन, आज होगा खुलासा चुनाव आयोग आज से शुरू करेगा Voter ID का वेरिफिकेशन, आपको करना होगा यह काम।

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