मध्यप्रदेश में नेताओं को सिखाई जाएगी नेतागिरी !

संक्षेप:

जनप्रतिनिधियों को सिखाए जाएंगे सुशासन के गुर

पहली बार मध्यप्रदेश में गुड गवर्नेंस की ट्रेनिंग लेंगे जनप्रतिनिधि

नेताओं को सिखाई जाएगी नेतागिरी

मध्यप्रदेश में पहली बार जनप्रतिनिधियों को गुड गवर्नेंस का पाठ सिखाया जाएगा... राज्य में आगानी नगरीय निकाय चुनाव में निर्वाचित होने वाले जनप्रतिनिधियों को गुड गवर्नेंस यानी सुशासन के तौर तरीके सिखाए जाएंगे... ये पहली बार नहीं हैं जब किसी राज्य में नेताओं को गुड गवर्नेंस का गुर सिखाया जा रहा हो... इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी योगी सरकार इस तरह के कदम उठा चुकी है... मध्यप्रदेश में अटर बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान इसका खाका तैयार कर रही है.. अगर सरकार सरकार मान जाती है तो मध्यप्रदेश सरकार में ये पहली बार होगा जब जनप्रतिनिधियों को सुशासन के गुर सीखाए जाएंगे... अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच अपनी अपनी सीमाएं जानने, कार्यों के लिए अनैतिक दबाव न देने के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्य करने और बीते दिनों इंदौर और सतना के रामपुर में हुई घटनाओं को रोकने के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर ये प्रयोग में लाने की तैयारी है.... बताया जा रहा है कि इसका खाका इतने आसान शब्दों में तैयार किया जा रहा है कि कम पढ़े लिखे जनप्रतिनिधियों को भी ये आसानी से समझ में आ जाए और वो इसे अपनी कार्यशैली में अपना सकें...

इसकी शुरुआत पहले महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ सीनियर पार्षद को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा... इससे फायदा ये होगा कि पहले बैच के बाद आगे आने वाले जनप्रतिनिधि जब इसके बारे में जानकारी लेंगे तो आसानी से इसके बारे में दूसरे जनप्रतिनिधि को बता सकेंगे... दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान में बीते दिनों प्रदेश के नए मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया... इसमें सामने आए विचारों को ट्रेनिंग में शामिल करने के लिए सेंटर फॉर अर्बन गवर्नेंस काम कर रहा है... जैसे अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों के प्रयास एक दिशा में होने पर नीतियों में व्यापक परिवर्तन हो.. गुड गवर्नेंस में संजीदगी को बेहतर तरीके से शामिल करने पर काम होगा.. राजनीति से ताल्लुक रखने वाले जनप्रतिनिधि बनने पर नीति निर्माण पर जोर दें....

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