उमा भारती ने की उपवास त्यागने की आग्रह, ज्ञानस्वरूप सानंद ने दिया ये जवाब

संक्षेप:

  • उमा भारती ने की ज्ञानस्वरूप सानंद से उपवास त्यागने की आग्रह
  • ज्ञानस्वरूप सानंद ने दिया ये जवाब
  • 22 जून से उपवास पर बैठे हैं सानंद

हरिद्वार: केंद्रीय मंत्री उमा भारती के उपवास त्यागने के आग्रह पर पूर्व प्रोफेसर ज्ञानस्वरूप सानंद ने अपील करते हुए कहा कि वह छोटी बहन के कंधों पर कोई भार नहीं डाल सकते हैं, लेकिन यह जरूर है कि अगर वह रक्षाबंधन तक जीवित रहे तो उन्हें याद अवश्य कर लें। वह अपना उपवास अब तब ही त्यागेंगे, जब या तो उनकी मांगों को मानकर गंगा को बचाया जाए या फिर उनके प्राण ही निकल जाएं।

मातृसदन में रविवार को केंद्रीय मंत्री का आग्रह पत्र लेकर पहुंचे बालकृष्ण शास्त्री को अपने जवाब पत्र में सानंद ने यह बात कही। 22 जून से सानंद जगजीपुर स्थित मातृसदन आश्रम में मां गंगा पर बन रही विद्युत परियोजनाओं समेत कई मांगों को लेकर उपवास पर बैठे हुए हैं। उनके उपवास को दस दिन हो चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अभी तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है, हालांकि उनको मनाने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।

शनिवार को केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा नदी विकास मंत्री नितिन गडकरी के प्रतिनिधि प्रणव सिंह भी सानंद को मनाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन सानंद ने उपवास त्यागने से मना कर दिया था। रविवार को लिखे जवाबी पत्र में उन्होंने उमा भारती को अपनी छोटी बहन बताते हुए गंगा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्रों की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

ये भी पढ़े : बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब का बयान- मिलिट्री लगाकर भी नहीं हो सकता मस्जिद का निर्माण


Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Haridwar News in Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के
लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles