हरिद्वार आईएमए अध्यक्ष की NYOOOZ से ख़ास बातचीत, बोले- डॉक्टर भी इंसान ही है भगवान नहीं

संक्षेप:

  • हरिद्वार आईएमए अध्यक्ष से NYOOOZ की ख़ास बातचीत
  • जानिए क्या है केंद्र सरकार से आईएमए की मांग?
  • डॉक्टरों की समस्याओं पर क्या बोले आईएमए अध्यक्ष?

हरिद्वार: उत्तराखंड में सरकार बदलने के बाद सभी को त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार से काफी उम्मीदें है और कही न कही सीएम रावत भी सत्ता में आने के बाद से हर विभाग में कुछ न कुछ बदलाव करते नज़र आ रहे है। लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार आने के बाद अब प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के खस्ता हाल में भी सुधार आएगा। इन्हीं सब बातों को लेकर NYOOOZ ने हरिद्वार के आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश सिंह से बात की। पेश है बातचीत के कुछ खास अंशः-

NYOOOZ: आप आईएमए के अध्यक्ष है, डॉक्टरों की क्या-क्या समस्याएं आपके सामने आती है?

दिनेश सिंह: आज के समय में डॉक्टरों के सामने समस्याएं ही समस्याएं हैं, हमारा दिन प्रतिदिन ध्यान पढ़ाई पर है और हमारा प्रोफेशन एक डेडिकेशन वाला प्रोफेशन है। आज की परिस्थियों में मैनेजमेंट पार्ट, डॉक्यूमेंटेशन पार्ट और कई तरह के विभाग जिनका हमारे एजूकेशन से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, जो हमें कभी पढ़ाएं नहीं गए, ये सब हमारे लिए नए है। प्रदूषण कंट्रोल और भी कई तरह के डिपार्टमेंट जिनका हमारे विभाग से कोई रिश्ता नाता था ही नहीं ऐसी कई समस्याएं है। आपको एक उदाहरण देता हूं एक डिस्पेंसरी के लिए के कम से कम 500 स्क्वायर मीटर की जरूरत होती है यानि 55 सौ फीट से कम की कोई भी डिस्पेंसरी मान्य नहीं होगी और प्रेक्टिकली आप सोच कर देखें, बहुत बड़ा एरिया होता है। उत्तराखंड़ जैसे राज्य में, जिसमें 60-65 प्रतिशत तो पहाड़ी इलाके है, उसमें तो संभव वैसे ही नहीं है और दूसरी बात है प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की। बोर्ड को जो केंद्र की तरफ से गाइडलाइन है जिसे पूरा करने में प्रेक्टिकल समस्या बहुत ज्यादा है, लेकिन फिर भी हम शासन के साथ काम कर रहें हैं।

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NYOOOZ: डॉक्टरों की समस्याओं के समाधान के लिए आईएमए क्या कर रहा है, साथ ही कई डॉक्टरों पर लापरवाही का भी आरोप लगता है, इस पर क्या कहेंगे?

दिनेश सिंह: समस्याओं के समाधान के लिए आईएमए संबंधित अधिकारियों से बात करता है, सबकी शिकायत सुनी जाती है।डॉक्टरों के लापरवाही के आरोप पर मैं यही कहूंगा कि कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर इस तरह की लापरवाही नहीं करेगा।

NYOOOZ: डॉक्टरों के साथ अक्सर मारपीट की जाती है, इस पर आपका क्या कहना है?

दिनेश सिंह: हमारी जो सोशल वैल्यू है, उसमें डिटरमेशन सामाजिक रूप से है, बच्चे अपने टीचर का सम्मान नहीं करते, अपने पैरेंट्स का सम्मान नहीं करते। हम लोगों की सोसायटी की ही कमी है। सब लोग एग्रेसिव नेचर के होते जा रहे है। उन्हें जहां सॉफ्ट टारगेट दिखता है वहीं अपना आक्रोश उतारते हैं, वो जायज हो या नाजाायज। फिर भी जब हमारे साथ ऐसी कोई घटना होती है हम लोग दोनों पक्ष बैठकर दोनों की बात सुनते है, यूजएली होता ये ही है कि गलतफहमी से घटना होती है और हम लोगों के पक्ष में ही अधिकतर फैसला होता है।

NYOOOZ: आईएमए अध्यक्ष होने के नाते आपकी राज्य और केंद्र सरकार से क्या मांगे है?

दिनेश सिंह: जहां तक राज्य सरकार की बात है तो  हमें कई तरह की जो एनओसी लेनी होती है वो हमें ना लेनी पड़े, हमारे लिए एक सेपरेट प्रावधान हो, और उससे हमें मान्यता मिले। वहीं केंद्र सरकार की बात करें तो हम राज्य के अधीन है हमारी जो बात होती है वो राज्य के साथ होती और जो केंद्र से मांग होती है उसके लिए हम मुख्यालय बात करते है।

NYOOOZ: झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए और गरीब मरीजों के लिए आईएमए क्या कर रहा है?

दिनेश सिंह: मेरा मानना है कि कोई भी डॉक्टर जो एमबीबीएस नहीं है और वो एलोपैथिक की प्रेक्टिस कर रहा है वो मेरी नजर में झोलाछाप है। किडनी रैकेट्स पकड़े जाते है खबरे छप जाती है और १०० में ९९ प्रतिशत डॉक्टरों की इमेज इन्ही झोलाछाप डॉक्टरों की बवजह से खराब होती है। वहीं गरीब मरीजों के लिए हमारी तरफ से नि:शुल्क कैंप लगाए जाते है उसके अलावा भी हमारे पास कोई गरीब आता है तो उसकी मदद भी की जाती है।

NYOOOZ: NYOOOZ के माध्यम से लोगों से आप क्या अपील करना चाहते है?

दिनेश सिंह: हम आम नागरिकों को ये संदेश देना चाहेंगे की हम लोग भी इंसान ही है कोई भगवान नही, तो हमारे साथ भी वैसा ही बर्ताव करें जैसा आप अपने साथ चाहते हो और हमारी समस्याओं का भी थोड़ा ध्यान रखें। आपकी कोई भी इलाज से संबंधित शिकायत हो तो आप सीधे आईएमए सेक्रेटरी या प्रेसिडेंट के पास आकर मिल सकते है और हम उसका समय पर हल निकलने की कोशिश करेंगे।

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