हरिद्वार: ओलंपिक में मैच हारकर भी, हरिद्वार की वंदना कटारिया ने जीत लिया करोड़ों खेल प्रेमियों का दिल

संक्षेप:

  • ओलंपिक में मैच हारकर भी वंदना कटारिया ने जीता दिल
  • भारतीय महिला हॉकी टीम और ग्रेट ब्रिटेन के बीच हुआ था मैच
  • महिला टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास

हरिद्वार। शुक्रवार को तोक्यो में खेले जा रहे ओलिंपिक महाकुंभ में कांस्य पदक के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम और ग्रेट ब्रिटेन के बीच हुए मुकाबले में भारत की हार के बाद हरिद्वार की वंदना कटारिया का ओलंपिक में पदक लाने का सपना भी टूट गया। पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ वंदना कटारिया ने शानदार प्रदर्शन किया और एक गोल कर करोड़ों खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। 

महिला टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास 

महिला टीम की हार के बाद रोशनाबाद गांव में वंदना कटारिया के परिजन निराश हो गए। उनकी भाभी सविता और भाई पंकज कटारिया की आंखों में आंसू आ गए। भले ही भारतीय महिला टीम ओलंपिक में पदक न ला पाई हो। लेकिन उन्होंने सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा। बल्कि हरिद्वार की वंदना कटारिया ने गोल की हैट्रिक मार इतिहास बनाया था।

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ये रहा मैच का संक्षिप्त विवरण

2016 रियो ओलंपिक की चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन से भारत का मुकाबला शुक्रवार को था। मुकाबला शुरू हुआ तो पहले क्वार्टर में दोनों ही टीम डिफेंसिव खेलती दिखाई दी। लेकिन दूसरे क्वार्टर में ग्रेट ब्रिटेन ने 2-0 की बढ़त बना ली और भारतीय महिला हॉकी टीम पिछड़ गई। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद भारतीय टीम ने वापसी की और भारत की ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर ने शानदार दो पेनल्टी गोल कर भारत को बराबरी पर ला खड़ा कर दिया। उसके बाद मौका मिला तो हरिद्वार की बेटी वंदना कटारिया ने अपनी स्टिक का जादू दिखाते हुए शानदार गोल तो किया ही बल्कि भारत को 3-2 से बढ़त दिला दी। वंदना के गोल के बाद भारतीय महिला खिलाड़ी गोल नहीं कर पाई। हाफ के बाद अगले क्वार्टर में ग्रेट ब्रिटेन ने 3-4 की बढ़त बना ली। इसी बढ़त के कारण भारतीय महिला टीम का कांस्य पदक जीतने का सपना भी चकनाचूर हो गया।

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