महंत नरेंद्र गिरि केस: अब बलबीर गिरि को मिलेगी ये गद्दी, पांच अक्तूबर को होगी ताजपोशी

संक्षेप:

  • गद्दी सौंपने को लेकर बलबीर गिरि के प्रति बनी सहमति 
  • ताजपोशी की तैयारियां शुरू हो गईं
  • बोर्ड को बलबीर गिरि को गद्दी से हटाने का है अधिकार 

हरिद्वार। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की कथित मौत के बाद बाघंबरी पीठ और लेटे हनुमान की गद्दी सौंपने को लेकर बलबीर गिरि के प्रति सहमति बनी है। अखाड़े के पंच परमेश्वरों ने संत बलबीर गिरि को बाघंबरी पीठ और लेटे हनुमान की गद्दी सौंपने पर सहमति दे दी है। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के षोडशी के बाद पांच अक्तूबर को संत बलबीर गिरि की शर्तों के साथ ताजपोशी की जाएगी।

बोर्ड को बलबीर गिरि को गद्दी से हटाने का है अधिकार 

श्री निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्रपुरी समेत पांच संतों का सुपरवाइजरी बोर्ड बनेगा। बोर्ड ही बाघंबरी पीठ और लेटे हनुमान मंदिर की संपत्ति से लेकर 30 बीघा जमीन की देखरेख करेगा। बिना बोर्ड की अनुमति के बलबीर गिरि को संपत्ति बेचना का अधिकार नहीं होगा। संन्यास परंपरा का उल्लंघन या फिर किसी भी तरह का विवाद होने पर बोर्ड को बलबीर गिरि को गद्दी से हटाने की अधिकार होगा।

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ताजपोशी की तैयारियां हुई शुरू 

अखाड़े के पंच परमेश्वरों ने संत बलबीर गिरि को बाघंबरी पीठ और लेटे हनुमान मंदिर की गद्दी सौंपने पर सहमति दे दी है। बलबीर गिरि की ताजपोशी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की षोडशी के बाद पांच अक्तूबर को बलबीर गिरि की ताजपोशी होगी। इसमें सभी 13 अखाड़ों के संत प्रयागराज पहुंचेंगे। लेकिन इसमें बलबीर गिरि के ऊपर सुपरवाइजरी बोर्ड रहेगा। बोर्ड में श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी के अलावा महंत रामरतन गिरि, महंत ओंकार गिरि, महंत हरगोविंद पुरी और महंत दिनेश गिरि शामिल होंगे। बोर्ड के पास ही विशेषाधिकार होंगे। वहीं, दूसरी ओर लेटे हनुमान मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। मंदिर में काफी अधिक चढ़ावा आता है। इसी को लेकर गद्दी की खींचतान रहती है। संत बलबीर गिरि बाघंबरी पीठ के अलावा लेटे हनुमान मंदिर की गद्दी संभालेंगे। इसके अलावा प्रयागराज में अखाड़े की 30 बीघा भूमि है। उसमें बटाई पर खेती होती है। 

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