नैनीताल हाईकोर्ट ने दिए 6 महीने के अंदर आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश

संक्षेप:

  • आवारा कुत्तों और जानवरों को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट सख्त
  • खतरनाक जानवरों को मारने के लिए नीति बनाने के भी दिए निर्देश
  • 16 जून को होगी मामले की अगली सुनवाई

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे कुत्तों और आवारा जानवरों के आतंक के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि वो प्रदेश की सभी निकायों से आवारा कुत्तों और जानवरों को 6 महीनों के अंदर हटाए।

साथ ही राज्य सरकार को खतरनाक हो रहे जानवरों को मारने के लिए नीति बनाने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, कोर्ट ने कुत्तों के लिए शेल्टर हाउस का निमार्ण करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी को शेल्टर हाउस के निर्माण में आपत्ति है तो वो इन कुत्तों को अपने साथ ले जाएं। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी और इसी दिन मुख्य सचिव कुत्तों के मामले में कोर्ट में अपना जवाब भी पेश करेंगे।

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कोर्ट ने साफ किया है कि यदि इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसे कोर्ट को अवेहलना मानी जाएगी और मुख्य सचिव समेत संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। 

आपको बता दें कि नैनीताल निवासी जीसी खोलिया ने नैनीताल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में लगातार कुत्तों और आवारा जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। नैनीताल जिले में अबतक आवारा कुत्ते 11 हजार लोगों को काटा चुके हैं, जबकि पूर्व में कुत्ते के काटने से राजस्थान के एक पर्यटक की नैनीताल में मौत भी हो चुकी है। जिसके रोकथाम के लिए सरकार और प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया और ना ही सरकार के पास कोई एंटीरेबीज उपलब्ध है।

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