मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के निधन पर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उनसे जुड़ी तमाम बातें याद कीं

उन्होंने कहा- गौर साहब लोगों से जीवंत सम्पर्क रखते थे. वो स्पष्ट वक्ता थे. कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा खड़े रहते थे. ताई ने याद किया कि गौर ने भले ही विकास कार्यों के लिए तोड़फोड़ कर अतिक्रमण हटाए.उन्हें बुलडोजर मंत्री कहा गया लेकिन तोड़फोड़ करने के बाद भी लोग उनसे कभी नाराज़ नहीं होते थे. ये गौर साहब के बड़े व्यक्तित्व का ही असर था. ताई याद करती हैं वो पल जब इंदौर में सुभाष चौक के लोकार्पण के कार्यक्रम में बतौर मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर अंतिम बार शामिल हुए थे. यहीं उनके पास मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए फोन आ गया था. ताई बताती हैं कि उस वक्त गौर साहब ने फौरन उनसे पूछा कि क्या मैं यहीं इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पद छोड़ने की घोषणा कर दूं. उनकी सरलता और तत्परता देख कर ताई ने समझाया कि आप अभी तो बतौर मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम को सम्पन्न कराइए उसके बाद देखेंगे. जेब में काजू-बादाम रखते थेबीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता ने बाबूलाल गौर को याद करते हुए कहा कि गौर साहब मेरे पिताजी अच्छे दोस्त थे.दोनों आर्य समाज से जुड़े हुए थे. गुप्ता ने बताया कि गौर साहब हमेशा जेब में काजू बादाम रखते थे. विधानसभा में मुलाकात के दौरान वो जब भी उनका आशीर्वाद लेते थे वो एक मुट्ठी काजू बादाम उन्हें दे देते थे. इंदौर को मिली अलग पहचान बीजेपी सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर के विकास में गौर का अहम योगदान रहा है उनके नगरीय प्रशासन मंत्री रहते इंदौर को अलग पहचान मिली थी. ये भी पढ़ें-गौर साहब लिखते थे डायरी:फड़फड़ाता रह गया 21 अगस्त का पन्ना बाबूलाल गौर-जयप्रकाश नारायण ने दिया था विजयी भव: का आशीर्वाद ।

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