​मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 13 मेडिकल कॉलेजों (Medical College) के करीब 3300 डॉक्टर सातवें वेतनमान की मांग को लेकर बुधवार को दो घंटे के अवकाश पर चले गए

ग्वालियर. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर जबलपुर और 7 नए मेडिकल कॉलेजों रतलाम, विदिशा, दतिया, खंडवा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी और शहडोल के टीचर्स सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं. डाक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी है. डॉक्टरों को कैबिनेट बैठक का इंतज़ार ग्वालियर डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर सुनील अग्रवाल का कहना है कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जारी अपने वचन पत्र 2018 में नया वेतनमान देने और सुविधाएं देने का वचन दिया है. हम चाहते हैं कि सरकार नया वेतनमान नई सुविधाएं प्रदान करने का वचन पूरा करें. डॉक्टरों की निगाहें अब कमलनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक पर है. कैबिनेट की बैठक 12 सितंबर को रखी गई है. जिसमें डॉक्टरों का सातवां वेतनमान के साथ और भी मांगें शामिल हैं. पे स्केल समेत अन्य मांगों को लेकर 2 घंटे की हड़ताल पर गए डाक्टरसामूहिक इस्तीफे की चेतावनी डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जिस हिसाब से सरकार ने डॉक्टरों के लिए अपना रोडमैप बनाया है, वह उन्हें मंजूर नहीं है. यदि कैबिनेट उनके हिसाब से फैसला नहीं देती है, तो प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर 30 सितंबर को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे. दरअसल साल 2018 में मध्य प्रदेश मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इन मांगों को लेकर चर्चा की थी, लेकिन निराकरण नहीं हो पाया था. 26 सितंबर 2018 को मुख्यमंत्री का घेराव भी किया गया था. 2 घंटे का अवकाश दबाव बनाने की रणनीति बहरहाल डॉक्टरों के 2 घंटे के अवकाश को दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है. क्योंकि कल कमलनाथ कैबिनेट की बैठक है और ऐसे में प्रदेश के हर मेडिकल कॉलेज में सरकार के खिलाफ सुबह 10 से 12 बजे तक धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. दो घंटे के विरोध के दौरान चिकित्सा शिक्षा शिक्षक काम और टीचिंग नहीं करेंगे, ओपीडी वार्ड और ऑपरेशन भी नहीं किए जाएंगे. केवल इमरजेंसी इलाज और उपचार मरीजों को दिया जाएगा. ये भी पढ़ें - दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों में VIP कल्‍चर खत्‍म, नहीं मिलेगा प्राइवेट रूम: अरविंद केजरीवाल कश्मीर में हाई अलर्ट, अल-बद्र के 45 आतंकी घाटी में घुसने की फिराक में।

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