आगामी नवंबर महीने में प्रस्तावित झाबुआ विधानसभा उपचुनाव (Jhabua By-election) को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस (Congress) और विपक्षी बीजेपी (Bjp) में घमासान शुरू हो गया है

कांग्रेस ने जहां अपने 4 मंत्रियों और नौ विधायकों को उपचुनाव जिताने की जिम्मेदारी दी है, वहीं बीजेपी ने तीन सांसदों और 12 विधायकों को चुनाव जिताने का जिम्मा सौंपा है. बीजेपी हर बूथ पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की भी तैयारी में है. उम्मीद की जा रही है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में चुनाव घोषित हो सकते हैं. झाबुआ उपचुनाव की तैयारियां शुरू झाबुआ उपचुनाव के लिए भले ही चुनाव आयोग ने तारीख घोषित न की हो लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. दोनों ही दलों ने अपने वर्तमान और पूर्व विधायकों, सांसदों को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंप दी है. बीजेपी ने दो सांसदों समेत 12 विधायकों की ड्यूटी उपचुनाव में लगा दी है. इनमें इंदौर के विधायक रमेश मेंदोला और उषा ठाकुर भी शामिल हैं. वहीं सांसदों में इंदौर के शंकर लालवानी, झाबुआ के जीएस डामोर और धार के छतर सिंह दरबार के अलावा पूर्व सांसद और विधायकों को भी अलग अलग क्षेत्रों में भेजा जा रहा है. झाबुआ उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने उतारी मंत्रियों की फौजइसके साथ ही दो सितम्बर को हर बूथ पर गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना करने की तैयारी है, जिसके माध्यम से लोगों को जोड़ा जा सके. इंदौर से बीजेपी के सांसद शंकर लालवानी झाबुआ की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. मंत्री-विधायकों को मैदान में उतारा कांग्रेस झाबुआ सीट को जीतकर अपना बहुमत का आंकड़ा पाना चाहती है, इसके लिए उसने भी अपने मंत्रियों और विधायकों की टीम मैदान में उतार दी है. कांग्रेस ने प्रथम चरण में 4 मंत्रियों बाला बच्चन, उमंग सिंघार, जीतू पटवारी, सुरेन्द्र सिंह बघेल को कमान दी है तो वहीं पांचीलाल मेड़ा, प्रताप ग्रेवाल, कलावती भूरिया समेत 9 विधायकों को भी उपचुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंप दी है. प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं. कांग्रेस का मानना है कि कमलनाथ सरकार की जन हितैषी योजनाओं के चलते सकारात्मक माहौल बना है जिसका फायदा उपचुनाव में मिलेगा. बीजेपी हर बूथ पर गणेश प्रतिमा स्थापित करेगी डामोर के लोकसभा में जाने से खाली हुई सीट झाबुआ सीट बीजेपी विधायक रहे गुमान सिंह डामोर के तीन महिने पहले लोकसभा सांसद चुन लिए जाने के बाद से खाली है. ऐसा माना जा रहा है कि नवंबर में उपचुनाव कराने के लिए सितम्बर के अंतिम सप्ताह में तारीखों का एलान कर दिया जाएगा, ऐसे में कांग्रेस झाबुआ विधानसभा उपचुनाव जीतकर निर्दलियों पर अपनी निर्भरता कम करने के प्रयास में जी जान से जुटी है. वहीं बीजेपी की कोशिश है कि ये सीट जीतकर कांग्रेस सरकार की मुश्किलों को बरकरार रखा जा सके. ये भी पढ़ें - सरकारी पैनल की बड़ी सिफारिश- 5 से 10 लाख तक 10% और 20 लाख तक 20% लगे टैक्स गवर्नर सत्यपाल मलिक का वादा- अगले 3 महीने में जम्मू-कश्मीर के युवाओं को देंगे 50 हज़ार सरकारी नौकरियां।

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